MP: दूल्हे को बुलडोजर पर बैठकर बारात निकालना पड़ा भारी, चालक पर मामला दर्ज
मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के एक सिविल इंजीनियर को अपनी शादी को यादगार बनाने के लिए बुलडोजर में बैठकर दुल्हन लेने पहुंचना महंगा पड़ गया. पुलिस ने दूल्हे के साथ बुलडोजर चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है और 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है.
बैतूल (मप्र), 24 जून : मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के एक सिविल इंजीनियर को अपनी शादी को यादगार बनाने के लिए बुलडोजर में बैठकर दुल्हन लेने पहुंचना महंगा पड़ गया. पुलिस ने दूल्हे के साथ बुलडोजर चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है और 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है. पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी शुक्रवार को दी. दरअसल उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश सहित देश के कुछ राज्यों में अवैध मकानों एवं प्रतिष्ठानों पर बुलडोजर चलाए जाने के बीच बैतूल जिले के झल्लार गांव का रहने वाला सिविल इंजीनियर अंकुश जायसवाल मंगलवार को अपनी शादी को यादगार बनाने के लिए बारात में पारंपरिक घोड़ी, बग्गी या कार के बजाय बुलडोजर में बैठकर दुल्हन को लेने पहुंचा.
यह घटना मध्यप्रदेश के आदिवासी बहुल बैतूल जिले के भैंसदेही विकासखंड के अंतर्गत आने वाले झल्लार गांव की है. दूल्हे के साथ उसके परिवार की दो महिलाएं भी बुलडोजर में सवार थीं. बड़ी संख्या में उपयोगकर्ताओं ने व्हाट्सएप, फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम पर अंकुश की बारात से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो साझा किए हैं. झल्लार पुलिस थाना प्रभारी दीपक पाराशर ने बताया, ‘‘इस मामले को पुलिस ने संज्ञान में लिया है. बैतूल की पुलिस अधीक्षक सिमाला प्रसाद के निर्देश पर जेसीबी (बुलडोजर) चालक रवि बारस्कर पर पंजीकरण नियमों का उल्लंघन का मामला दर्ज कर मोटर वाहन अधिनियम की धारा 39/192(1) के तहत 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘जेसीबी मशीनें वाणिज्यिक उपयोग के लिए होती हैं और उन्हें सार्वजनिक परिवहन के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है. जेसीबी के चालक ने नियमों का उल्लंघन किया है. इसी को लेकर जब मामला संज्ञान में आया तो चालक के खिलाफ कार्रवाई की गई है.’’ यह भी पढ़ें : देश की खबरें | क्या स्थानीय निकाय एजेंसियां तभी काम करेंगी जब राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री शहर आएंगे: उच्च न्यायालय
बुलडोजर पर बैठकर बारात ले जाने वाले दूल्हे अंकुश जायसवाल ने कहा था, ‘‘मैं पेशे से सिविल इंजीनियर हूं और बुलडोजर सहित निर्माण कार्यों से जुड़ी अन्य मशीनों के साथ दिनभर काम करता रहता हूं. इसलिए मेरे मन में विचार आया कि मैं अपने पेशे से जुड़े बुलडोजर पर ही बारात निकालूं.’’ अंकुश ने बताया कि झल्लार गांव से बारात निकलने के बाद उन्होंने केरपानी गांव स्थित प्रसिद्ध हनुमान मंदिर में रात्रि विश्राम किया और फिर बुधवार को उनका विवाह केसर बाग में धूमधाम से संपन्न हुआ.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 24, 2022 02:04 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

