इंदौर,14 दिसंबर मध्यप्रदेश के खरगोन जिले में 287 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले 60 मेगावॉट के सौर ऊर्जा संयंत्र के निर्माण की उल्टी गिनती शुरू हो गई है।
खास बात यह है कि इस पर आने वाली अनुमानित लागत (244 करोड़ रुपये) की रकम इंदौर नगर निगम (आईएमसी) ने सार्वजनिक निर्गम (पब्लिक इश्यू) के रूप में फरवरी के दौरान पेश हरित बॉन्ड के जरिये जुटाई है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि इंदौर से 80 किलोमीटर दूर नर्मदा नदी के तट पर बसे जलूद गांव के पास बनने वाले सौर ऊर्जा संयंत्र के निर्माण और रख-रखाव के लिए एक निजी कम्पनी को बोली प्रक्रिया के तहत 271.17 करोड़ रुपये का ठेका दिया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार की अलग-अलग योजनाओं के तहत इस सौर ऊर्जा संयंत्र को कुल 62 करोड़ रुपये की वित्तीय मदद भी मिलेगी।
इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने संवाददाताओं को बताया,‘‘सौर ऊर्जा संयंत्र के निर्माण के लिए एजेंसी तय हो गई है और इसका काम जल्द शुरू होगा।"
भार्गव ने बताया कि करीब 211 एकड़ पर प्रस्तावित संयंत्र को बनकर तैयार होने में कम से कम डेढ़ साल का समय लगेगा।
देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर की करीब 35 लाख की आबादी पानी की आवश्यकताओं के लिए काफी हद तक नर्मदा नदी पर निर्भर है।
अधिकारियों ने बताया कि नर्मदा जल को पड़ोसी खरगोन जिले के जलूद गांव से 80 किलोमीटर दूर इंदौर लाकर घर-घर पहुंचाने में आईएमसी को हर साल करीब 300 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ते हैं जिसमें मोटर पम्प चलाने में इस्तेमाल बिजली का बिल सरकारी खजाने के लिए एक बड़ा बोझ है।
अधिकारियों के मुताबिक सौर ऊर्जा संयंत्र के जरिये बनने वाली बिजली के इस्तेमाल से आईएमसी के मौजूदा विद्युत बिल में बड़ी कटौती होगी।
हर्ष
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