देश की खबरें | मप्र सरकार ने सूडान में फंसे लोगों की सहायता के लिए हेल्पलाइन शुरू की

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मध्य प्रदेश सरकार ने संकटग्रस्त सूडान में फंसे राज्य और देश के अन्य हिस्सों के लोगों की मदद के लिए एक हेल्पलाइन शुरू की है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

भोपाल, 25 अप्रैल मध्य प्रदेश सरकार ने संकटग्रस्त सूडान में फंसे राज्य और देश के अन्य हिस्सों के लोगों की मदद के लिए एक हेल्पलाइन शुरू की है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

नियमित सेना और एक अर्धसैनिक बल के बीच सत्ता संघर्ष के बाद भयंकर लड़ाई का सामना कर रहे इस अफ्रीकी देश से अपने नागरिकों को वापस लाने के लिए भारत ने सोमवार को 'ऑपरेशन कावेरी' शुरू किया।

अधिकारी ने कहा कि सूडान में फंसे मध्य प्रदेश या अन्य राज्यों में वापस आने के इच्छुक लोग हेल्पलाइन "91-755-2555582" पर संपर्क कर सकते हैं और अपना विवरण साझा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उन्हें वहां से निकालने के लिए केंद्र के साथ समन्वय करेगी।

सरकार ने इसके लिए राज्य के गृह सचिव गौरव राजपूत को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।

अधिकारी ने कहा कि इसके अलावा, सूडान में फंसे मध्य प्रदेश के निवासियों के रिश्तेदार भी सहायता प्राप्त करने के लिए एवं अपने प्रियजनों के बारे में विवरण दर्ज करने के लिए सीएम हेल्पलाइन "181" पर संपर्क कर सकते हैं।

अधिकारी के अनुसार सीएम हेल्पलाइन पोर्टल--- सीएमहेल्पलाइन.एमपी.जीओवी.इन पर भी जानकारी दर्ज की जा सकती है।

भारतीयों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए केंद्र की योजना को साझा करते हुए, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को ट्वीट किया, “सूडान में फंसे हमारे नागरिकों को वापस लाने के लिए ऑपरेशन कावेरी चल रहा है। करीब 500 भारतीय ‘पोर्ट सूडान’ पहुंच गए हैं। कई लोग रास्ते में हैं।’’

भारत ने रविवार को कहा कि उसने फंसे हुए भारतीयों को निकालने के लिए भारतीय वायुसेना के दो परिवहन विमानों को सऊदी अरब के शहर जेद्दा और नौसैनिक जहाज आईएनएस सुमेधा को ‘पोर्ट सूडान’ में तैनात किया है। इससे पहले केंद्र ने कहा था कि वह वर्तमान में पूरे सूडान में स्थित 3,000 से अधिक भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

सूडान मे पिछले 11 दिनों से देश की सेना और एक अर्धसैनिक समूह के बीच घातक लड़ाई हो रही है जिससे वहां फंसे हुए लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ रही हैं।

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