देश की खबरें | मप्र : ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर 70 वर्षीय व्यक्ति से 40 लाख रुपये से ज्यादा की ठगी

इंदौर, 29 अक्टूबर इंदौर में ‘डिजिटल अरेस्ट’ के ताजा मामले में ठग गिरोह ने एक निजी कंपनी में काम करने वाले 70 वर्षीय एक व्यक्ति को जाल में फंसाया और उसे 40.70 लाख रुपये का चूना लगा दिया। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

‘डिजिटल अरेस्ट’ साइबर ठगी का नया तरीका है। ऐसे मामलों में ठग खुद को कानून प्रवर्तन अधिकारी बताकर लोगों को ऑडियो या वीडियो कॉल करके डराते हैं और उन्हें गिरफ्तारी का झांसा देकर उनके ही घर में डिजिटल तौर पर बंधक बना लेते हैं।

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेश दंडोतिया ने बताया कि ठग गिरोह के दो सदस्यों ने खुद को मुंबई पुलिस और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के अफसरों के तौर पर पेश करके इंदौर के 70 वर्षीय व्यक्ति को फोन किया। उन्होंने बताया कि ठगी का शिकार व्यक्ति एक निजी कंपनी में काम करता है।

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त ने बताया, ‘‘ठगों ने इस व्यक्ति को झांसा दिया कि उसके नाम पर मुंबई में केनरा बैंक के एक खाते के जरिये 2.60 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी वाला लेन-देन किया गया है।’’

दंडोतिया ने बताया कि ठगों ने वीडियो कॉल के जरिये बुजुर्ग को ‘डिजिटल अरेस्ट’ किया और फर्जी पूछताछ के दौरान उसे अलग-अलग निर्देश देते रहे।

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त ने बताया कि ठगों की धमकियों से घबराए बुजुर्ग ने अपनी जमा-पूंजी के 40.70 लाख रुपये उनके बताए अलग-अलग बैंक खातों में भेज दिए।

उन्होंने बताया, ‘‘ठगों ने बुजुर्ग को झांसा दिया कि अगर कानून प्रवर्तन एजेंसियों की जांच में वह पाक-साफ पाया जाता है, तो एक-दो घंटे के भीतर यह रकम उसके खाते में वापस आ जाएगी।’’

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त ने बताया कि ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर और पुलिस को शिकायत दर्ज कराई।

उन्होंने बताया कि पुलिस ने इस शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के संबद्ध प्रावधानों में मामला दर्ज किया है और विस्तृत जांच जारी है।

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