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देश की खबरें | तमिलनाडु में मां और बेटी ने एक साथ पास की नीट की परीक्षा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. तमिलनाडु में 49 वर्षीय एक फिजियोथेरेपिस्ट महिला और उसकी बेटी ने मजबूत इरादों से अपने सपनों को पूरा करने की एक अद्भुत मिसाल कायम की है। दोनों ने अपनी लगन और मेहनत से राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) पास कर ली।

देश की खबरें | तमिलनाडु में मां और बेटी ने एक साथ पास की नीट की परीक्षा

चेन्नई, 31 जुलाई तमिलनाडु में 49 वर्षीय एक फिजियोथेरेपिस्ट महिला और उसकी बेटी ने मजबूत इरादों से अपने सपनों को पूरा करने की एक अद्भुत मिसाल कायम की है। दोनों ने अपनी लगन और मेहनत से राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) पास कर ली।

नीट की परीक्षा पास करने के बाद महिला को अपने गृह जिले के नज़दीकी सरकारी मेडिकल कॉलेज में सीट मिल गई जबकि बेटी भी चिकित्सा के क्षेत्र में अपना सफर शुरू करने के लिए तैयार है।

अमुथवल्ली मणिवन्नन को अपने स्कूल के दिनों की तुलना में इस बार पाठ्यक्रम बहुत अलग और काफी कठिन लगा लेकिन फिर भी अपनी बेटी की राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा की तैयारी से प्रेरित होकर उन्होंने अपनी तैयारी शुरू की।

अमुथवल्ली ने उत्साहित होकर कहा, ‘‘अपनी बेटी को नीट की तैयारी करते देखकर मेरी महत्वाकांक्षा फिर से जागृत हो गई और वह मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा थी। मैंने उसकी किताबें लीं और परीक्षा की तैयारी की।’’

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की छात्रा एम. संयुक्ता ने कोचिंग क्लास ली और जिन किताबों का उसने गहन अध्ययन किया था, उनसे ही उसकी मां को भी मदद मिली।

उन्होंने कहा, ‘‘मेरे पिता पेशे से अधिवक्ता थे और उनकी चिकित्सा में कोई रुचि नहीं थी लेकिन मेरी मां की पृष्ठभूमि चिकित्सा से जुड़ी होने के कारण वह आसानी से समझ गईं।’’

तमिलनाडु मेडिकल प्रवेश के लिए 30 जुलाई को काउंसलिंग शुरू हुई और अमुथवल्ली अपनी बेटी के साथ पीडब्ल्यूडी (एक विशिष्ट स्तर तक की दिव्यांगता)श्रेणी आरक्षण के तहत काउंसलिंग में शामिल हुईं। उन्होंने अपने गृहनगर तेनकासी के पास विरुधुनगर के सरकारी मेडिकल कॉलेज में दाखिला लेना पसंद किया। उन्हें नीट में 147 अंक प्राप्त किए।

अमुथवल्ली ने बताया कि उन्होंने लगभग तीन दशक पहले स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद एमबीबीएस कोर्स में दाखिला लेने की कोशिश की थी, लेकिन उस समय ऐसा नहीं हो सका। इसके बजाय उन्हें फ़िज़ियोथेरेपी की पढ़ाई करनी पड़ी।

पत्रकारों से बात करते हुए संयुक्ता ने कहा, ‘‘मैं अपनी मां के साथ एक ही कॉलेज में नहीं पढ़ना चाहती। मैं सामान्य कोटे में प्रतिस्पर्धा करना चाहती हूं। मैं किसी अन्य जगह शायद राज्य से बाहर, पढ़ाई करना चाहती हूं।’’

उसने नीट में 450 अंक प्राप्त किए हैं।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 31, 2025 02:22 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).