एजेंसी न्यूज

बिहार में 4-10 मई के बीच कोविड-19 संक्रमण के बढ़े मामलों में ज्यादातर राज्य में लौटे व्यक्ति: अधिकारी

प्रधान सचिव (स्वास्थ्य) संजय कुमार मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में उन्हें बताया कि 4-10 मई के बीच लौटे लोगों में 150 में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई।

बिहार में 4-10 मई के बीच कोविड-19 संक्रमण के बढ़े मामलों में ज्यादातर राज्य में लौटे व्यक्ति: अधिकारी
जमात

पटना, 11 मई बिहार में पिछले एक सप्ताह में कोरोना वायरस संक्रमण के जो 200 नये मामले सामने आये हैं उनमें से तीन-चौथाई अन्य राज्यों से लौटे प्रवासी हैं। एक शीर्ष अधिकारी ने सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से कहा।

प्रधान सचिव (स्वास्थ्य) संजय कुमार मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में उन्हें बताया कि 4-10 मई के बीच लौटे लोगों में 150 में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई।

राज्य में रविवार को कोविड-19 के मामले 707 हो गये जो एक सप्ताह पहले से 200 ज्यादा है। इस सप्ताहांत 100 से अधिक लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाये गये।

प्रधान सचिव ने बताया कि कोरोना वायरस से संक्रमित सर्वाधिक 41 व्यक्ति दिल्ली से, 36 ऐसे व्यक्ति महाराष्ट्र से, 33 गुजरात से, 10 तेलंगाना से और तीन हरियाणा से लौटे हैं। बाकी देश के अन्य हिस्सों से आये हैं।

प्रवासी श्रमिक, विद्यार्थी और तीर्थयात्राी केंद्रीय गृहमंत्रालय द्वारा जारी दिशानिर्देश के बाद स्पेशल ट्रेनों और किराये की गाड़ियों से सड़क मार्ग से बड़ी संख्या में लौटे। ये लोग लॉकडाउन के बाद सुदूर स्थानों पर फंस गये थे।

अबतक एक लाख से अधिक लोग बिहार लौटे हैं जो कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लगाये गये लॉकडाउन के चलत 25 मार्च से फंस गये थे।

प्रवासी श्रमिकों एवं विद्यार्थियों की वापसी का मुद्दा बिहार में सरकार और विपक्ष के बीच लंबे समय से विवाद का विषय बना हुआ है।

कोविड-19 के मामलों में तेज वृद्धि की आशंका से बड़े पैमाने पर लोगों की वापसी को लेकर भयभीत राज्य सरकार ने शुरू में उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कोटा से विद्यार्थियों को लाये जाने पर अप्रसन्नता प्रकट की थी।

हालांकि विपक्ष ने सरकार पर अपने ही लोगों के प्रति असंवेदनशीलता दिखाने का आरोप लगाया था जिसका सत्तारूढ़ जनता दल यूनाईटेड के नेताओं ने खंडन किया।

उसके बाद बिहार सरकार फंसे हुए लोगों के ट्रेनों से आने पर राजी हो गयी और उसने विद्यार्थियों की यात्रा का खर्च उठाने तथा प्रवासी श्रमिकों को यात्रा पर आये खर्च को 500 रूपये अतिरिक्त राशि के साथ लौटाने का वादा किया।

प्रधान सचिव (स्वास्थ्य) ने मुख्यमंत्री से कहा कि फिलहाल राज्य में प्रखंड स्तर के पृथक-वास केंद्रों में पौने चार लाख और पंचायतों के ऐसे केंद्रों में और 2.42 लाख लोगों को ठहराया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में लोगों की वापसी जारी रहने के मद्देनजर पृथक-वास केंद्र बढ़ाने और परीक्षण केंद्रों की क्षमता विस्तार की कोशिश की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार को पर्याप्त परीक्षण किट नहीं मिल रहे हैं तथा पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है । उन्होंने अधिकारियों को रेलवे और अन्य राज्य सरकारों के तालमेल कायम करने का निर्देश दिया कि जो लोग घर लौटना चाहते हैं उनके लिए सात दिनों के अंदर इंतजाम किया जाए।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, लेटेस्टली स्टाफ ने इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया है)

(The above story first appeared on LatestLY on May 11, 2020 09:48 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).