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राजीव गांधी किसान न्याय योजना से 18 लाख से अधिक किसानों को होगा लाभ: बघेल

बघेल ने बृहस्पतिवार को अपने निवास कार्यालय से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए संवाददाताओं से कहा, ‘‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत हम राज्य में फसल उत्पादन को प्रोत्साहित करेंगे और कृषि सहायता के लिए खरीफ 2019 में पंजीकृत और उपार्जित रकबे के आधार पर धान, मक्का और गन्ना फसल के लिए 10 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से अनुदान राशि सीधे किसानों के खातों में डालेंगे। इसके लिए हमने बजट में 5100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।’’

राजीव गांधी किसान न्याय योजना से 18 लाख से अधिक किसानों को होगा लाभ: बघेल
जमात

रायपुर, 14 मई छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत राज्य के 18 लाख 75 हजार किसानों को लाभ मिलेगा।

बघेल ने बृहस्पतिवार को अपने निवास कार्यालय से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए संवाददाताओं से कहा, ‘‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत हम राज्य में फसल उत्पादन को प्रोत्साहित करेंगे और कृषि सहायता के लिए खरीफ 2019 में पंजीकृत और उपार्जित रकबे के आधार पर धान, मक्का और गन्ना फसल के लिए 10 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से अनुदान राशि सीधे किसानों के खातों में डालेंगे। इसके लिए हमने बजट में 5100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।’’

उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत राज्य के 18 लाख 75 हजार किसानों को लाभ मिलेगा। साथ ही खरीफ 2020 से आगामी वर्षों में दलहन और तिलहन फसलों के पंजीकृत और अधिसूचित रकबे के आधार पर निर्धारित राशि प्रति एकड़ की दर से किसानों को सहायता अनुदान के रूप में देंगे। अनुदान लेने वाले किसान ने यदि बीते वर्ष धान की फसल लगायी हो और इस साल धान के स्थान पर योजना के तहत शामिल अन्य फसल लगाता है तब ऐसी स्थिति में किसानों को प्रति एकड़ अतिरिक्त सहायता दी जाएगी।

बघेल ने कहा कि इस योजना का क्रियान्वयन पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की पुण्यतिथि के दिन 21 मई से प्रारंभ करेंगे। राजीव गांधी किसान न्याय योजना बहुत ही दूरगामी निर्णय है और छत्तीसगढ़ के किसानों को इस संकट की घड़ी में संजीवनी प्रदान करने वाला निर्णय है। पूरे देश में कहीं भी किसानों के हित में इतना महत्वपूर्ण निर्णय नहीं लिया गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने राज्य के किसानों से वादा किया था कि उन्हें उनकी उपज का पूरा दाम मिलेगा। लोगों ने इसमें कई अड़चने लगाई, अवरोध पैदा किये लेकिन हमने जो कहा था वो निभाया है।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मजदूरों, किसानों और आदिवासियों की जेब में पैसे डालने का काम कर रही है। लोगों की जेब में पैसा आने से इसका असर व्यापार और व्यवसाय पर पड़ेगा और अर्थव्यवस्था बराबर संचालित होती रहेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने केन्द्र सरकार से मनरेगा को कृषि कार्य से जोड़ने का आग्रह किया है। मनरेगा के काम बारिश तक चलेंगे। यदि मनरेगा को कृषि से जोड़ा जाता है तो लोगों को इससे निरंतर रोजगार मिलेगा, कृषि की लागत कम होगी और कृषि उत्पादन भी बढ़ेगा।

बघेल ने बताया कि लॉकडाउन में मनरेगा के अंतर्गत ग्रामीणों को रोजगार देने में छत्तीसगढ़ अभी पूरे देश में प्रथम स्थान पर है। देशभर में मनरेगा कार्यों में लगे कुल मजदूरों में से करीब 24 फीसदी अकेले छत्तीसगढ़ से हैं। यह संख्या देश में सर्वाधिक है। प्रदेश की 9883 ग्राम पंचायतों में चल रहे विभिन्न मनरेगा कार्यों में औसतन लगभग 23 लाख मजदूर काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि लॉकडाउन में वनोपज संग्रहण में भी छत्तीसगढ़ देश में पहले स्थान पर है। देश के कुल वनोपज संग्रहण का 99 प्रतिशत अकेले छत्तीसगढ़ ने ही किया है।

बघेल ने कहा कि राज्य के 56.48 लाख गरीब परिवारों को अप्रैल, मई और जून, तीन माह का राशन, प्रति परिवार एक क्विंटल पांच किलोग्राम निःशुल्क प्रदान किया गया है।

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(The above story first appeared on LatestLY on May 14, 2020 10:16 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).