देश की खबरें | धनशोधन के 1700 से अधिक मामले सुनवाई के स्तर पर: ईडी निदेशक
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच वाले धनशोधन के 1700 से अधिक मामले वर्तमान में सुनवाई के चरण में हैं और अदालतों में देरी के लिए देश में न्याय प्रणाली में लगने वाले समय को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। ईडी निदेशक राहुल नवीन ने बृहस्पतिवार को यह बात कही।
नयी दिल्ली, एक मई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच वाले धनशोधन के 1700 से अधिक मामले वर्तमान में सुनवाई के चरण में हैं और अदालतों में देरी के लिए देश में न्याय प्रणाली में लगने वाले समय को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। ईडी निदेशक राहुल नवीन ने बृहस्पतिवार को यह बात कही।
ईडी के शीर्ष अधिकारी ने हालांकि कहा कि ईडी के मामलों में दोषसिद्धि की दर 93.6 प्रतिशत है क्योंकि अब तक अदालतों ने जिन 47 मामलों में फैसला सुनाया है, उनमें से केवल तीन मामलों में आरोपी बरी हुए हैं।
उन्होंने यहां आयोजित ईडी दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान में पीएमएलए के कुल 1,739 मामले विचाराधीन हैं और धनशोधन मामलों में अभियोजन में देरी के लिए देश में न्याय प्रणाली में सामान्य देरी को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।
नवीन ने कहा कि वह पीएमएलए के मामलों में लंबित जांच को ‘स्पष्ट रूप से’ स्वीकार करते हैं। उन्होंने कहा कि एजेंसी का प्रयास अदालतों के समक्ष ऐसे मामलों में आरोपपत्र दाखिल करना होगा।
उन्होंने कहा कि ईडी अपनी जांच में उन्नत प्रौद्योगिकी और फोरेंसिक का उपयोग करेगी।
इस संघीय जांच एजेंसी की स्थापना 1 मई, 1956 को हुई थी।
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