(सीमा हाकू काचरु)
ह्यूस्टन, 17 अक्टूबर अमेरिका के ह्यूस्टन में दिवाली-दशहरा पर आयोजित भव्य उत्सव भारत की संस्कृति, विरासत और मूल्यों को अद्वितीय अंदाज में दर्शा रहा है। टेक्सास में यहां आयोजित उत्सव में रिकॉर्ड 10 हजार से अधिक लोग आए जिनमें विभिन्न क्षेत्रों और नस्लों के लोग शामिल हैं।
11वें ग्रैंड इंटरनेशनल दिवाली दशहरा उत्सव का ग्रेटर ह्यूस्टन के उपनगरीय इलाके शुगर लैंड स्थित ‘कांस्टेलेशन फील्ड’ में आयोजन किया गया है। इस उत्सव में शनिवार को अमेरिकी सांसद, न्यायाधीश, मेयर और आयुक्तों समेत कई पदाधिकारी शामिल हुए।
एक गैर सरकारी संगठन श्री सीता राम फाउंडेशन (एसएसआरएफ) की ओर से आयोजित यह विशाल उत्सव वर्ष 2012 से मनाया जा रहा है, लेकिन बीते सालों में इसकी विशालता में बहुत ज्यादा इजाफा हुआ है।
फाउंडेशन ने भारतीय वैदिक संस्कृति और मूल्यों को साझा करने का नवोन्मेषी और अनोखा रास्ता खोज लिया है।
पिछले साल इसने दशहरा परेड में 15 देशों के महावाणिज्य दूतों को शामिल कर दिवाली के संदेश ‘बुराई पर अच्छाई की विजय’ पर जोर देने के लिए प्रयास शुरू किया।
इस साल टेक्सास प्रांत के गवर्नर ग्रेब एबॉट, ह्यूस्टन के मेयर सिल्वेस्टर टर्नर और कई देशों के महावाणिज्य दूत दशहरा परेड में शामिल हुए।
आयोजन स्थल फुटबॉल स्टेडियम को सुंदर तरीके से सजाया गया है और इसमें विभिन्न रंगों की रोशनी की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा यहां के ‘फूड बाजार’ में भारत के हर कोने के व्यंजन परोसे गये।
इस दौरान लोक नृत्य और भारतीय मार्शल आर्ट का मंच पर प्रदर्शन किया गया। विभिन्न किरदारों को प्रदर्शित करने वाले, रंग-बिरंगी पोशाक में सजे-धजे बच्चे भी मंच पर दिखे।
बच्चों के लिए मूनवॉक, गुब्बारे, घुड़सवारी, फेस पेंटिंग आदि की व्यवस्था थी।
यहां मंच के बगल में भगवान हनुमान की 24 फुट ऊंची प्रतिमा और भगवान राम की 35 फुट ऊंची प्रतिमा स्थापित की गई थी।
भगवान राम और रावण से उनके आखिरी युद्ध पर आधारित अंग्रेजी में एक नाटक का मंचन किया गया, तो दर्शक मंत्रमुग्ध हो कर उसे देखते रहे।
एसएसआरएफ के अध्यक्ष अरुण वर्मा ने कहा, ‘‘हम भारतीय समुदाय और सभी अमेरिकियों के समक्ष भारत की समृद्ध और जीवंत संस्कृति तथा नैतिक मूल्यों को दर्शाने, उन्हें इससे परिचित कराने तथा इसके प्रति जागरूक करने का प्रयास कर रहे हैं। ’’
वर्मा ने ‘पीटीआई-’ से कहा कि इस साल इस उत्सव के प्रति लोगों की जबरदस्त प्रतिक्रिया के मद्देनजर हमें इस उत्सव को किसी बड़े स्थान पर ले जाना पड़ सकता है, क्योंकि इस फुटबॉल स्टेडियम की क्षमता 10 हजार दर्शकों तक सीमित है जिसके कारण कई लोगों को प्रवेश देने से मना करना पड़ा।
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