जरुरी जानकारी | पिछले वित्तवर्ष में 1.55 लाख से अधिक कंपनियों का हुआ पंजीकरण

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. देश में वर्ष 2020-21 में 1.55 लाख से अधिक नई कंपनियां अस्तित्व में आईं। यह संख्या साल भर पहले की तुलना में 27 प्रतिशत की ‘उल्लेखनीय’ वृद्धि को दर्शाती है। पिछले वित्तवर्ष में कोरोनो वायरस महामारी ने आर्थिक गतिविधियों को बुरी तरह से प्रभावित किया था।

नयी दिल्ली, एक अप्रैल देश में वर्ष 2020-21 में 1.55 लाख से अधिक नई कंपनियां अस्तित्व में आईं। यह संख्या साल भर पहले की तुलना में 27 प्रतिशत की ‘उल्लेखनीय’ वृद्धि को दर्शाती है। पिछले वित्तवर्ष में कोरोनो वायरस महामारी ने आर्थिक गतिविधियों को बुरी तरह से प्रभावित किया था।

एक दिन पहले ही समाप्त हुये वित्त वर्ष 2020- 21 में 42,186 सीमित देयता भागीदारी (एलएलपी) गठित की गई। यह आंकड़ा एक साल पहले की समान अवधि की तुलना में लगभग 17 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।

कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को एक विज्ञप्ति में कहा, ‘कोविड-19 महामारी के कारण देश के सामने आई अभूतपूर्व परिस्थिति को देखते हुए यह वृद्धि काफी महत्वपूर्ण है।’’

मंत्रालय कंपनी अधिनियम और एलएलपी अधिनियम को लागू करता है।

विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘‘निगमित मामलों के मंत्रालय ने वित्तवर्ष 2019-20 के दौरान 1.22 लाख कंपनियों की तुलना में वित्तवर्ष 2020-21 के दौरान, 1.55 लाख से अधिक कंपनियों का पंजीकरण किया, जो लगभग 27 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।’’

विज्ञप्ति में कहा गया है कि इसी तरह, वित्तवर्ष 2019-20 में 42,186 एलएलपी बने जो संख्या इससे पूर्व 36,176 थी।

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