देश की खबरें | रेलवे में संरक्षा वर्ग के डेढ़ लाख से अधिक पद रिक्त हैं: रेल मंत्रालय

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारतीय रेल में संरक्षा श्रेणी के स्वीकृत कुल करीब 10 लाख पदों में से डेढ़ लाख से अधिक पद रिक्त हैं। गत मार्च में सूचना के अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत दाखिल एक आवेदन के जवाब में रेल मंत्रालय ने यह जानकारी दी।

नयी दिल्ली, 18 जून भारतीय रेल में संरक्षा श्रेणी के स्वीकृत कुल करीब 10 लाख पदों में से डेढ़ लाख से अधिक पद रिक्त हैं। गत मार्च में सूचना के अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत दाखिल एक आवेदन के जवाब में रेल मंत्रालय ने यह जानकारी दी।

हालांकि अधिकारियों ने कहा है कि ट्रेन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और रेलवे ने पिछले 10 वर्षों में इस मामले में महत्वपूर्ण निवेश करने के साथ कई संरचनात्मक और प्रणालीगत सुधार भी किए हैं, जिनका सुरक्षित परिचालन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

संरक्षा श्रेणी के पदों में ट्रेन चालक, निरीक्षक, चालक दल नियंत्रक, लोको प्रशिक्षक, ट्रेन नियंत्रक, पटरी की मरम्मत करने वाले, स्टेशन मास्टर, पॉइंट्समैन, इलेक्ट्रिक सिग्नल का रखरखाव करने वाले और सिग्नलिंग पर्यवेक्षक शामिल हैं।

ट्रेन के परिचालन में सीधे शामिल होने के कारण इन पदों पर कार्यरत कर्मी सुरक्षित ट्रेन संचालन के लिहाज से अहम हैं।

मंत्रालय ने आरटीआई आवेदन के जवाब में कहा, ‘‘इस कार्यालय में 01-03-2024 (अनंतिम) तक उपलब्ध भारतीय रेलवे की संरक्षा श्रेणी में स्वीकृत पद, कार्यरत (कार्यरत) लोगों और रिक्त पदों की कुल संख्या क्रमशः 10,00,941, 8,48,207 और 1,52,734 है।’’

टेन चालक (मेल/एक्सप्रेस/यात्री/माल/शंटिंग) के रिक्त पदों के बारे में आरटीआई आवेदन में पूछे गए प्रश्न का उत्तर देते हुए रेल मंत्रालय ने कहा कि कुल स्वीकृत 70,093 पदों में से 14,429 पद रिक्त हैं।

मध्य प्रदेश स्थित आरटीआई आवेदक चंद्रशेखर गौड़ ने कहा, ‘‘उत्तर से पता चलता है कि रेलवे को सहायक चालकों के पद रिक्त होने के कारण भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। सहायक चालकों के कुल स्वीकृत 57,551 पदों में से 4,337 पद रिक्त हैं।’’

आवेदन में गौड़ ने यह भी जानना चाहा था कि पिछले चार वर्षों में भारतीय रेलवे में कितने नए पद सृजित किए गए और कितने पद समाप्त किए गए।

रेलवे कर्मचारी संघ ने कर्मियों की कमी के कारण संरक्षा श्रेणी के अधिकारियों और कर्मचारियों पर बढ़ते तनाव का मुद्दा उठाया था। ‘नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमैन’ के सहायक महासचिव अशोक शर्मा ने कहा, ‘‘यही कारण है कि दुर्घटनाएं हो रही हैं। संरक्षा श्रेणी में कर्मचारियों पर अत्यधिक दबाव है। उन्हें अपनी मानसिक और शारीरिक क्षमता से परे काम करना पड़ता है।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

Australia Women vs India Women ODI Stats: वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में एक-दूसरे के खिलाफ कुछ ऐसा रहा है भारत महिला बनाम ऑस्ट्रेलिया महिला का प्रदर्शन, यहां देखें दोनों टीमों के आंकड़े

Pakistan vs Sri Lanka, 50th Match Scorecard: रोमांचक मुकाबले में श्रीलंका को हराकर भी टूर्नामेंट से बाहर हुआ पाकिस्तान, न्यूजीलैंड ने सेमीफाइनल में बनाई जगह; यहां देखें PAK बनाम SL मैच का स्कोरकार्ड

India vs West Indies, T20 World Cup 2026 52nd Match Date And Time: कब और कितने बजे से खेला जाएगा टीम इंडिया बनाम वेस्टइंडीज के बीच सुपर-8 का महामुकाबला? इस स्टेडियम में भिड़ेंगी दोनों टीमें, यहां जानें वेन्यू समेत मैच से जुड़ी सभी जानकारी

Kolkata Weather And Rain Forecast For India vs West Indies Match: कोलकाता में भारत बनाम वेस्टइंडीज सुपर 8 मुकाबले पर बारिश का खतरा नहीं, लेकिन ओस बन सकती है बड़ा फैक्टर

\