देश की खबरें | अधिक लाभ, दवा बनाने के तरीकों तक ऑनलाइन पहुंच के कारण 'मेफेड्रोन' की तस्करी बढ़ी : पुलिस
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मुंबई, 31 जुलाई दवा बनाने के तरीकों तक आसानी से पहुंच और अधिक लाभ के कारण नशीली दवा 'मेफेड्रोन' या 'एमडी' की मुंबई और पड़ोसी शहरों में तस्करी बढ़ गई है।
एक अधिकारी ने बताया कि मुंबई पुलिस के मादक पदार्थ रोधी प्रकोष्ठ द्वारा हाल में जब्त की गई दवाओं में 'मेफेड्रोन' सबसे अधिक मात्रा में जब्त दवाओं में से एक है। उन्होंने कहा कि पड़ोसी शहरों में भी ऐसा ही पाया गया है।
अधिकारी ने बताया कि मुंबई के सीमा शुल्क विभाग ने जून 2022 में कुल 2,043 किलोग्राम जब्त दवाओं को नष्ट किया। इनमें 499.5 किलोग्राम 'इफेड्रिन', 882.69 किलोग्राम 'मेथामफेटामाइन' और 238.2 किलोग्राम 'मेफेड्रोन' शामिल है।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 'मेफेड्रोन' के लोकप्रिय होने का एक कारण यह है कि इसे बनाने की जानकारी इंटरनेट पर आसानी से उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि 'मेफेड्रोन' बनाने की लागत लगभग 50 रुपये प्रति ग्राम बताई जाती है, जबकि इसे 1,500 रुपये से 2,000 रुपये प्रति ग्राम के मूल्य पर बेचा जाता है।
मुंबई पुलिस ने पिछले एक महीने में ही 4.626 किलोग्राम 'मेफेड्रोन' जब्त की है, जिसकी बाज़ार में कीमत 6.38 करोड़ रुपये आंकी गयी है। जून 2022 में महानगर में मादक पदार्थ संबंधी 83 मामलों में कम से कम 99 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस के मुताबिक, 'मेफेड्रोन' तस्करों की वितरण श्रृंखला में अफ्रीकी नागरिक भी शामिल हैं।
अधिकारी ने बताया कि स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) ने पिछले कुछ साल में मुंबई और पड़ोसी शहरों में करोड़ों रुपये मूल्य की 'मेफेड्रोन' जब्त की है।
अधिकारी ने बताया कि अक्टूबर 2021 में एनसीबी ने दक्षिण मुंबई के जे. जे. मार्ग इलाके से एक करोड़ रुपये कीमत की 505 ग्राम 'एमडी' को जब्त किया था। जांच के दौरान सामने आया कि नाइजीरिया के नागरिक अपने किराए के मकान में नशीली दवाएं बना रहा था।
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