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देश की खबरें | शहरी क्षेत्रों के मुकाबले ग्रामीण इलाकों में 21 जून को कोविड टीके की अधिक खुराकें दी गईं: सरकार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. सरकार ने मंगलवार को कहा कि भारत ने 21 जून को एक दिन में कोरोना वायरस के 88.09 लाख टीके लगाने की ‘ऐतिहासिक उपलब्धि’ हासिल की है और लगभग 64 प्रतिशत खुराकें ग्रामीण इलाकों में दी गई हैं।

देश की खबरें | शहरी क्षेत्रों के मुकाबले ग्रामीण इलाकों में 21 जून को कोविड टीके की अधिक खुराकें दी गईं: सरकार

नयी दिल्ली, 22 जून सरकार ने मंगलवार को कहा कि भारत ने 21 जून को एक दिन में कोरोना वायरस के 88.09 लाख टीके लगाने की ‘ऐतिहासिक उपलब्धि’ हासिल की है और लगभग 64 प्रतिशत खुराकें ग्रामीण इलाकों में दी गई हैं।

केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि 21 जून को सबसे अधिक टीके मध्य प्रदेश में लगे ,इसके बाद कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, गुजरात, राजस्थान, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और असम का स्थान रहा।

उन्होंने कहा कि सरकारी कोविड-19 टीकाकरण केंद्रों (सीवीसी) में 92.20 प्रतिशत टीकाकरण हुआ, जबकि 7.80 प्रतिशत निजी सीवीसी में हुआ। उन्होंने कहा, ‘‘टीके की दी गई कुल खुराकों में से 46.35 प्रतिशत महिलाओं, 53.63 प्रतिशत पुरुषों जबकि 0.02 प्रतिशत अन्यों को टीके लगाये गये।’’

उन्होंने कहा, “ 21 जून 2021 को ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की गई --एक दिन में 88.09 लाख टीके लगे।” उन्होंने बताया कि इनमें से 36.32 प्रतिशत टीके शहरी इलाकों में और 63.68 फीसदी ग्रामीण क्षेत्रों में लगाए गए हैं।

नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वी के पॉल ने कहा कि टीकाकरण की ग्रामीण पहुंच उल्लेखनीय और अच्छे अनुपात में है। उन्होंने कहा कि 21 जून को रिकॉर्ड टीकाकरण नए संशोधित दिशानिर्देशों के कार्यान्वयन के पहले दिन केंद्र और राज्य सरकारों और भारत के सभी लोगों के बीच अच्छी तरह से व्यवस्थित और सहयोगपूर्ण रवैये के माध्यम से संभव हो गया।

टीकाकरण जनवरी के मध्य में शुरू हुआ और तब से भारत में 22 जून की दोपहर तीन बजे तक कोविड-19 टीकों की 29.16 करोड़ खुराकें लगा दीं गई हैं।

पॉल ने कहा, ‘‘इसने भारत की दैनिक टीकाकरण की क्षमता को दिखाया। हमें उम्मीद है कि एक बार निजी क्षेत्र के इस अभियान में पूरी तरह से शामिल हो जाने के बाद यह क्षमता बहुत अधिक बढ़ जाएगी।"

प्रतिबंधों में ढील और स्कूलों को फिर से खोलने के बारे में पॉल ने कहा, ‘‘निर्णय सावधानी से लिया जाना चाहिए और हमें केवल तभी जोखिम लेना चाहिए जब हम सुरक्षित हों।’’ उन्होंने कहा, ‘‘स्कूल में एक मध्यम या बड़ी भीड़ एकत्र होती है, जो वायरस फैलने का मौका देती है। इसलिए, हमें यह जोखिम तभी उठाना चाहिए जब हम बेहतर तरीके से सुरक्षित हों, लेकिन यह अप्रत्याशित स्थिति होने पर स्कूल खोलने का यह निर्णय लेना आसान नहीं है।"

भूषण ने कहा कि देश में कोरोना वायरस की स्थिति में सुधार हो रहा है, लेकिन कोविड-19-उपयुक्त व्यवहार का पालन करने पर जोर दिया। उसने कहा कि सात मई को संक्रमण के मामलों की चरम स्थिति की तुलना में भारत के दैनिक कोविड-19 मामलों में लगभग 90 प्रतिशत की गिरावट आई है।

मंत्रालय ने कहा कि भारत में अब तक कोरोना वायरस के ’डेल्टा प्लस‘ स्वरूप के 22 मामले सामने आए हैं और यह अभी चिंताजनक स्वरूप नहीं है।

सरकार ने कहा कि ‘डेल्टा प्लस’ स्वरूप के 22 में से 16 मामले महाराष्ट्र के रत्नागिरी और जलगांव में आए हैं तथा शेष मामले मध्य प्रदेश और केरल में सामने आए हैं।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 22, 2021 10:20 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).