देश की खबरें | ग्राम, ब्लॉक और जिला पंचायतों के बीच अधिक समन्वय की जरूरत : गिरिराज सिंह

नयी दिल्ली, 21 अगस्त केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराज सिंह ने सोमवार को गांव, ब्लॉक और जिला पंचायतों के बीच अधिक समन्वय का आह्वान किया और स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों से यह सुनिश्चित करने की अपील की कि सतत विकास लक्ष्यों को हासिल किया जा सके।

तीन दिवसीय ‘सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण’ पर राष्ट्रीय कार्यशाला (एलएसडीजी) का आयोजन श्रीनगर में किया गया जा रहा है। इसे ऑनलाइन संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि ‘मेरी पंचायत मोबाइल ऐप’ की शुरुआत सोमवार को की गई है और इससे पंचायती राज संस्थानों के कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

जम्मू और कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा और पंचायती राज मामलों के राज्य मंत्री कपिल मोरेश्वर पाटिल भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

सिंह ने केंद्र शासित प्रदेश में पंचायत चुनाव कराने को लेकर सिन्हा की प्रशंसा की और कहा कि स्थानीय शासन संस्थान देश की विकास गाथा लिखने में अहम भूमिका निभाएंगे।

मंत्री ने कहा, ‘‘हम अपनी पंचायतों को प्रौद्योगिकी के लिहाज से सक्षम बनाना चाहते हैं। ‘मेरी पंचायत’ मोबाइल ऐप इस दिशा में नयी शुरुआत है।’’ उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र द्वारा 2030 तक सतत विकास प्राप्त करने के तय लक्ष्य को प्राप्त करना है। यह पंचायत प्रतिनिधियों की भी जिम्मेदारी हैं। जनता जिसने आपको चुना है वह आपकी ओर देख रही है।’’

सिंह ने कहा कि पंचायतों को समृद्ध बनाने की जिम्मेदारी सरपंचों की है। उन्होंने कहा कि पंचायत में होने वाली सभी गतिविधियों की जानकारी इस ऐप पर अपलोड की जानी चाहिए।

मंत्री ने पंचायती राज प्रणाली के अलग-अलग स्तरों के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह पहले कभी नहीं किया गया।

भारत में पंचायती राज व्यवस्था के तीन स्तर हैं - ग्राम स्तर पर ग्राम पंचायतें, ब्लॉक स्तर पर मंडल परिषद या ब्लॉक समिति या पंचायत समिति और जिला स्तर पर जिला परिषद या जिला पंचायत।

ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि भारत को 2030 में कार्बन तटस्थ बनाने में पंचायतों की अहम भूमिका है।

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