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खेल की खबरें | भारतीय महिला हॉकी टीम के लिये और प्रतिस्पर्धी मैच जरूरी हैं: मारिन

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Sports at LatestLY हिन्दी. भारतीय महिला हॉकी टीम के निर्वतमान कोच शोर्ड मारिन ने शुक्रवार को कहा कि ओलंपिक में ऐतिहासिक चौथे स्थान के बाद रानी रामपाल और उनकी साथी खिलाड़ी और अधिक अंतरराष्ट्रीय मैचों की हकदार हैं और राष्ट्रीय महासंघ को महिलाओं के विकास के लिये एक घरेलू लीग शुरू करनी चाहिए।

खेल की खबरें | भारतीय महिला हॉकी टीम के लिये और प्रतिस्पर्धी मैच जरूरी हैं: मारिन

तोक्यो, छह अगस्त भारतीय महिला हॉकी टीम के निर्वतमान कोच शोर्ड मारिन ने शुक्रवार को कहा कि ओलंपिक में ऐतिहासिक चौथे स्थान के बाद रानी रामपाल और उनकी साथी खिलाड़ी और अधिक अंतरराष्ट्रीय मैचों की हकदार हैं और राष्ट्रीय महासंघ को महिलाओं के विकास के लिये एक घरेलू लीग शुरू करनी चाहिए।

भारतीय टीम तोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक के मुकाबले में ब्रिटेन से 3 . 4 से हार गई। ओलंपिक में यह अब तक का भारतीय महिला हॉकी टीम का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है जो पहली बार सेमीफाइनल में पहुंची। मारिन ने घोषणा की कि वह निजी कारणों से इस पद पर बरकरार नहीं रह पायेंगे जबकि उन्हें पद विस्तार की पेशकश की गयी थी।

मारिन ने हॉकी इंडिया से महिला टीम के लिये घरेलू मैदानों और विदेशी सरजमीं पर ऐसे मैच आयोजित करने को कहा जो काफी दबाव वाले हों ताकि उनकी प्रगति जारी रहे।

हॉकी में भारत का ओलंपिक अभियान खत्म होने के बाद मारिन ने कहा, ‘‘हमें वही चीजें करनी होंगी जो पिछले आठ वर्षों में पुरूष टीम ने की हैं जैसे हॉकी इंडिया लीग, अगर यह मुमकिन हो तो। प्रो लीग में हिस्सेदारी और महिलाओं के लिये भारत में टूर्नामेंट आयोजित करना। इन चीजों से मदद मिलेगी। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘पिछले चार पांच मैचों में हमारे ऊपर काफी दबाव था और हमें लगातार शीर्ष टीमों के साथ खेलकर इस दबाव से निपटना था। बड़े कदम उठाने के लिये लड़कियों को इसकी जरूरत है।

मारिन को अपनी टीम पर गर्व है और ओलंपिक कांस्य पदक मुकाबले में पराजय के बावजूद उन्होंने अपने खिलाड़ियों से को आंसू रोकने के लिये नहीं कहा लेकिन उनका कहना है कि अपने दिलेर प्रदर्शन से पूरे देश को प्रेरित करने वाली टीम को खुश होना चाहिये ।

मारिन ने कहा ,‘‘ हारने पर दुख होता है लेकिन मैं फख्र महसूस कर रहा हूं । मुझे इन लड़कियों पर गर्व है जिन्होंने एक बार फिर अपना कौशल और जुझारूपन दिखाया ।’’

उन्होंने कहा ,‘‘ मैने उनसे कहा कि मैं तुम्हारे आंसू तो नहीं पोछ सकता । तुम्हें कोई शब्द सांत्वना नहीं दे सकता । तुमने पदक नहीं जीता लेकिन उससे बड़ा कुछ जीता है । अपने  देश को प्रेरित किया है और गौरवान्वित किया है । ’

उन्होंने कहा ,‘‘ दुनिया ने एक अलग ही भारतीय टीम देखी और मुझे उस पर गर्व  है ।’’

उन्होंने टीम के जुझारूपन की तारीफ करते हुए कहा ,‘‘ आम तौर पर भारतीय टीम दो गोल से पिछड़ने के बाद 3 . 0 या 4 . 0 से हार जाती रही है लेकिन अब नहीं । हमने पिछड़ने के बाद वापसी की और बढ़त भी बना ली थी । उन्होंने हार नहीं मानी ।’’

मारिन ने उम्मीद जताई कि खेलों से खाली हाथ लौटने के बावजूद अपने शानदार प्रदर्शन के कारण देश पलक पावड़े बिछाकर इन खिलाड़ियों का स्वागत करेगा ।

उन्होंने कहा ,‘‘ पिछले साढ़े चार साल भारत में बिताना मेरा सौभाग्य रहा है । मैं लोगों के प्यार से अभीभूत हूं । उम्मीद है कि भारत गर्मजोशी से इन लड़कियों का स्वागत करेगा ।’’

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(The above story first appeared on LatestLY on Aug 06, 2021 05:51 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).