जरुरी जानकारी | गोवा में मासिक दूध उत्पादन एक दिन की मांग को पूरा करने के लिए अपर्याप्त:आधिकारिक आंकड़े
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. गोवा में मासिक दूध उत्पादन एक दिन की मांग को पूरा करने के लिए भी पर्याप्त नहीं है जिससे राज्य, पड़ोसी राज्यों से आयात पर काफी हद तक निर्भर है। यह जानकारी विधानसभा में एक मंत्री द्वारा साझा किए गए आंकड़ों से मिली।
पणजी, 31 जुलाई गोवा में मासिक दूध उत्पादन एक दिन की मांग को पूरा करने के लिए भी पर्याप्त नहीं है जिससे राज्य, पड़ोसी राज्यों से आयात पर काफी हद तक निर्भर है। यह जानकारी विधानसभा में एक मंत्री द्वारा साझा किए गए आंकड़ों से मिली।
गोवा के मत्स्य पालन मंत्री नीलकंठ हलर्नकर ने बुधवार को सदन में बताया कि राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड द्वारा वित्त वर्ष 2024-25 के लिए औसत मासिक खरीद 37,986 लीटर थी जबकि इसी दौरान ग्राहकों की औसत दैनिक मांग 48,818 लीटर थी।
राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड को ‘गोवा डेयरी’ भी कहा जाता है।
इसी तरह ‘गोवा डेयरी’ ने जून 2025 तक (चालू वित्त वर्ष 2025-26 में) प्रति माह औसतन 35,653 लीटर दूध की खरीद की, जबकि प्रतिदिन औसत आवश्यकता 45,380 लीटर थी।
मंत्री ने महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी के विधायक जीत आरोलकर द्वारा पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
हलर्नकर ने कहा, ‘‘ जैसा कि ‘गोवा डेयरी’ के उपरोक्त आंकड़ों से समझा जा सकता है चूंकि औसत बिक्री मासिक दूध खरीद से अधिक है और भंडार मात्रा अन्य राज्यों से आयात की जाती है... इसलिए गोवा में दूध का उत्पादन उपभोक्ताओं की मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है। ’’
सब्सिडी और सहायता योजनाओं के बावजूद राज्य में कम दूध उत्पादन के संभावित कारणों का हवाला देते हुए हलर्नकर ने कहा कि गोवा के युवा कृषि गतिविधियों की तुलना में पर्यटन गतिविधियों की ओर अधिक आकर्षित होते हैं। साथ ही सेवा-संबंधी नौकरियां पाने की भी आकांक्षा रखते हैं।
मंत्री ने बताया कि खंडित भूमि स्वामित्व के कारण भी तटीय राज्य में बड़े पैमाने पर दुग्ध गतिविधियां संभव नहीं हैं।
उन्होंने फसल उत्पादकों द्वारा सामुदायिक खेती एवं सहकारी एकीकृत खेती की कमी की ओर भी ध्यान आकर्षित किया।
मंत्री ने कहा कि तेजी से हो रहे शहरीकरण के कारण युवा खेती से जुड़ी गतिविधियों में शामिल नहीं हो पा रहे हैं।
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