देश की खबरें | अवैध फोन टैपिंग मामले में मुंबई के पूर्व आयुक्त के खिलाफ धनशोधन का मामला दर्ज
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नयी दिल्ली, 14 जुलाई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त संजय पांडे और एनएसई के पूर्व अधिकारियों चित्रा रामकृष्ण और रवि नारायण के खिलाफ धनशोधन का मामला दर्ज किया है।
अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आरोपियों के खिलाफ यह कार्रवाई स्टॉक एक्सचेंज के कर्मचारियों के कथित अवैध फोन टैपिंग मामले को लेकर की गई है।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के एक सप्ताह पहले इन सभी आरोपियों पर मामला दर्ज करने के बाद, ईडी ने सभी व्यक्तियों के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की आपराधिक धाराओं के तहत नया मामला दर्ज किया है।
सीबीआई ने आरोप लगाया था कि नारायण और रामकृष्ण ने सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईपीएस) अधिकारी पांडे द्वारा स्थापित एक कंपनी को शेयर बाजार के कर्मचारियों के फोन कॉल को अवैध रूप से टैप करने के लिए जिम्मा सौंपा था।
सीबीआई और अब ईडी ने पांडे और उनकी दिल्ली स्थित कंपनी आईएसईसी सर्विसेज पप्राइवेट लिमिटेड समेत एनएसई के पूर्व प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) नारायण और रामकृष्ण, कार्यकारी उपाध्यक्ष रवि वाराणसी और प्रमुख (परिसर) महेश हल्दीपुर के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
ईडी इस संबंध में अब यह जांच करेगा कि क्या इस कथित अवैध काम के जरिये गलत तरीके से कमाई की गई आय की भी जांच करेगी।
सीबीआई ने आरोप लगाया था कि पांडे की कंपनी ने अवैध टैपिंग के लिए 4.45 करोड़ रुपये का भुगतान प्राप्त किया, जिसे एनएसई में ‘साइबर कमजोरियों के आवधिक अध्ययन’ के रूप में छिपाया गया था।
प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि कंपनी ने शेयर बाजार के वरिष्ठ प्रबंधन को टैप की गई बातचीत के टेप भी उपलब्ध कराए।
सीबीआई ने कहा, ‘‘एनएसई के शीर्ष अधिकारियों ने उक्त निजी कंपनी के पक्ष में समझौता और कार्य आदेश जारी किए और अपने कर्मचारियों के फोन कॉल को मशीन लगाकर अवैध रूप से इंटरसेप्ट किया।’’
जतिन
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