जरुरी जानकारी | मौद्रिक नीति समिति की बैठक शुरू, रेपो दर में हो सकती है 0.25 प्रतिशत की और वृद्धि
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास की अगुवाई में मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन दिन की बैठक सोमवार को यहां शुरू हुई। एमपीसी की बैठक के बीच ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि केंद्रीय बैंक इस बार प्रमुख नीति दर रेपो में मामूली चौथाई प्रतिशत की वृद्धि करेगा या ब्याज दर में वृद्धि को रोकेगा। महंगाई पर अंकुश के लिए केंद्रीय बैंक ने पिछले साल मई से ब्याज दरों में वृद्धि का सिलसिला शुरू किया था।
मुंबई, छह फरवरी भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास की अगुवाई में मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन दिन की बैठक सोमवार को यहां शुरू हुई। एमपीसी की बैठक के बीच ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि केंद्रीय बैंक इस बार प्रमुख नीति दर रेपो में मामूली चौथाई प्रतिशत की वृद्धि करेगा या ब्याज दर में वृद्धि को रोकेगा। महंगाई पर अंकुश के लिए केंद्रीय बैंक ने पिछले साल मई से ब्याज दरों में वृद्धि का सिलसिला शुरू किया था।
गर्वनर शक्तिकांत दास बुधवार को छह सदस्यीय एमपीसी की बैठक के नतीजों की घोषणा करेंगे।
विशेषज्ञों के मुताबिक, खुदरा मुद्रास्फीति रिजर्व बैंक के छह प्रतिशत के संतोषजनक स्तर से नीचे आ चुकी है। वहीं अप्रैल से शुरू होने वाले अगले वित्त वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि की रफ्तार सुस्त पड़ने की उम्मीद है। ऐसे में केंद्रीय बैंक रेपो दर में सिर्फ 0.25 प्रतिशत की वृद्धि का विकल्प चुन सकता है।
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के आर्थिक शोध विभाग की रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘हमें उम्मीद है कि आरबीआई फरवरी की नीतिगत समीक्षा में ब्याज दरों में वृद्धि को रोकेगा।’’
केंद्रीय बैंक ने अपनी दिसंबर की मौद्रिक नीति समीक्षा में ब्याज दरों में 0.35 प्रतिशत की वृद्धि की थी।इससे पहले लगातार तीन बार रेपो दर को आधा प्रतिशत बढ़ाया गया था।
आरबीआई ने मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए पिछले साल मई से रेपो दर में कुल मिलाकर 2.25 प्र्रतिशत की वृद्धि की है।
बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने कहा कि मौद्रिक नीति समीक्षा बजट और उससे पहले आर्थिक समीक्षा के बाद आ रही है। बजट में जहां कर्ज कार्यक्रम को लगभग यथावत रखा गया है वहीं आर्थिक समीक्षा में आगामी साल में ब्याज दरें ऊंची रहने का अनुमान लगाया गया है। उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों में रिजर्व बैंक संभवत: नीतिगत दरों में 0.25 प्रतिशत की और वृद्धि करेगा। यह इस चक्र में रेपो दर में अंतिम वृद्धि होगी।
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(The above story first appeared on LatestLY on Feb 06, 2023 05:16 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

