मप्र में भाजपा के प्रभावशाली प्रदर्शन के पीछे मोदी की 14 रैली और उनका विकास एजेंडा रहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव प्रचार के दौरान मध्यप्रदेश में 14 रैलियों को संबोधित किया और युवा मतदाताओं तक पहुंच बनाकर उन्हें विभिन्न मोर्चों पर पिछली कांग्रेस सरकारों की विफलताओं की याद दिलाई और सभी वर्गों के विकास पर जोर दिया.
भोपाल, 3 दिसंबर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव प्रचार के दौरान मध्यप्रदेश में 14 रैलियों को संबोधित किया और युवा मतदाताओं तक पहुंच बनाकर उन्हें विभिन्न मोर्चों पर पिछली कांग्रेस सरकारों की विफलताओं की याद दिलाई और सभी वर्गों के विकास पर जोर दिया. मोदी की अपील का मध्यप्रदेश में महिलाओं समेत मतदाताओं पर असर हुआ, जहां सत्तारूढ़ भाजपा ने 43 सीटें जीती हैं और 230 निर्वाचन क्षेत्रों में से 122 पर आगे चल रही है. पिछले महीने मप्र में चुनाव की घोषणा के बाद प्रधानमंत्री ने एक रोड शो का भी नेतृत्व किया था.
जैसा कि भाजपा ने मध्यप्रदेश में सत्ता विरोधी लहर को हराने के लिए एक रणनीति तैयार की, जहां वह 2003 से सत्तारूढ़ है (दिसंबर 2018 से मार्च 2020 तक 18 महीनों को छोड़कर) मोदी भगवा पार्टी के पारंपरिक समर्थकों के अलावा महिलाओं, युवाओं, आदिवासियों समेत मतदाताओं के विभिन्न वर्गों तक पहुंचे. भाजपा के प्रचार नारे "एमपी के मन में मोदी, मोदी के मन में एमपी" को चुनाव प्रचार के दौरान व्यापक स्वीकृति मिली थी. चुनाव प्रचार के अंतिम दिन, मोदी ने तीन चुनावी रैलियों को संबोधित किया और एक रोड शो का नेतृत्व किया.’’
मोदी के साथ केंद्रीय गृह मंत्री और रणनीतिकार अमित शाह भी शामिल हुए. कांग्रेस पर निशाना साधते हुए शाह ने चुनाव में राम मंदिर का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के लोग तीन दिसंबर को फिर से दिवाली मनाएंगे जब विधानसभा चुनाव के लिए वोटों की गिनती होगी और 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर का उद्घाटन होगा. सितंबर में, शाह ने चुनाव प्रबंधन और 17 नवंबर के चुनावों के लिए रणनीति बनाने का काम अपने ऊपर ले लिया.
शाह ने मध्यप्रदेश का सघन दौरा किया। चुनाव टिकटों के वितरण पर असंतोष को दबाने के लिए, उन्होंने तीन दिनों तक राज्य में डेरा डाला. उन्होंने विद्रोहियों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया और भाजपा कार्यकर्ताओं और अन्य नेताओं तक पहुंच बनाई. चूंकि भाजपा के शीर्ष नेता आगे बढ़कर नेतृत्व कर रहे थे, मतदाताओं के बीच "मामा" के नाम से लोकप्रिय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने प्रमुख लाडली बहना योजना का प्रचार किया, जो महिलाओं के बीच हिट हो गई है. योजना के तहत महिलाओं को प्रति माह 1,250 रुपये मिलते हैं. राज्य की 2.72 करोड़ महिला मतदाताओं में से लाभार्थी महिलाओं की संख्या चौंका देने वाली 1.31 करोड़ है.
चौहान मध्यप्रदेश के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले मुख्यमंत्री हैं. केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को मध्य प्रदेश चुनाव के लिए भाजपा की चुनाव प्रबंधन समिति का संयोजक नियुक्त किया गया, जबकि कांग्रेस ने सत्ता में आने पर नारी सम्मान निधि के तहत महिलाओं को 1,500 रुपये की वित्तीय सहायता देने का वादा किया था. चौहान ने महिलाओं को 1,000 रुपये प्रति माह प्रदान करके लाडली बहना योजना शुरू की. उन्होंने सहायता को किस्तों में बढ़ाकर 3,000 रुपये करने का वादा किया और 250 रुपये मासिक बढ़ोतरी लागू की.
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(The above story first appeared on LatestLY on Dec 03, 2023 07:14 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

