देश की खबरें | मोदी ने की पुतिन से बात, रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने के लिये खाका विकसित करने पर बनी सहमति
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात की और इस दौरान दोनों नेता द्विपक्षीय विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने के लिए एक खाका विकसित करने पर सहमत हुए। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एक बयान में यह जानकारी दी।
नयी दिल्ली, 15 जनवरी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात की और इस दौरान दोनों नेता द्विपक्षीय विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने के लिए एक खाका विकसित करने पर सहमत हुए। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एक बयान में यह जानकारी दी।
बयान के अनुसार मोदी ने कहा कि पुतिन के साथ उनकी ''अच्छी बातचीत'' हुई और उन्होंने 2024 में ब्रिक्स की रूस की अध्यक्षता सहित विभिन्न क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।
पीएमओ से जारी बयान के मुताबिक, टेलीफोन पर हुई इस बातचीत में प्रधानमंत्री ने रूस को ब्रिक्स अध्यक्षता के लिए शुभकामनाएं भी दीं। रूस ने एक जनवरी, 2024 को ब्रिक्स की अध्यक्षता संभाली है।
मोदी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि वह और पुतिन भविष्य की पहल के लिए एक खाका तैयार करने पर भी सहमत हुए।
उन्होंने कहा, ''राष्ट्रपति पुतिन के साथ अच्छी बातचीत हुई। हमने अपनी विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी में विभिन्न मुद्दों पर हुई प्रगति का जायजा लिया और भविष्य की पहल के लिए एक खाका तैयार करने पर सहमति व्यक्त की। हमने ब्रिक्स की रूस की अध्यक्षता सहित आपसी हित के विभिन्न क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का उपयोगी आदान-प्रदान किया।"
पिछले महीने विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रूस का दौरा किया था। इस दौरान दोनों देशों ने आधुनिक हथियारों के निर्माण सहित सैन्य और तकनीकी सहयोग बढ़ाने का फैसला किया था।
पीएमओ ने कहा कि दोनों नेताओं ने दोनों देशों के बीच हाल में हुए उच्चस्तरीय आदान-प्रदान के बाद द्विपक्षीय सहयोग के कई मुद्दों पर हुई प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने आपसी हितों से जुड़े क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।
पीएमओ ने कहा कि प्रधानमंत्री ने रूस को ब्रिक्स की अध्यक्षता के लिए शुभकामनाएं दीं और भारत के पूर्ण समर्थन का भरोसा दिलाया।
बयान के मुताबिक, दोनों नेताओं ने संपर्क में बने रहने पर सहमति जताई।
पिछले महीने रूस की यात्रा के दौरान जयशंकर ने अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव के साथ 'व्यापक और उपयोगी' बैठक की थी। जयशंकर ने कहा था कि उन्होंने और लावरोव ने अंतरराष्ट्रीय स्थिति और समकालीन मुद्दों पर चर्चा की और हिंद-प्रशांत, यूक्रेन संघर्ष, गाजा की स्थिति, अफगानिस्तान और मध्य एशिया, ब्रिक्स, एससीओ, जी20 और संयुक्त राष्ट्र पर विचारों का आदान-प्रदान किया।
मास्को में जयशंकर के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए लावरोव ने कहा था कि उन्होंने जयशंकर के साथ आधुनिक हथियारों के निर्माण सहित सैन्य और तकनीकी सहयोग की संभावनाओं के बारे में बात की। लावरोव ने कहा था, "हमने इस क्षेत्र में विशिष्ट कदम उठाए हैं।"
जयशंकर ने पुतिन से भी मुलाकात की थी, जिन्होंने मोदी को रूस आने का न्योता दिया था।
ब्रिक्स ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका का एक संगठन है।
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