विदेश की खबरें | एथेंस में युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित कर मोदी ने यूनान में अपने कार्यक्रमों की शुरुआत की

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को यूनान में अपने कार्यक्रमों की शुरुआत एथेंस में अज्ञात सैनिकों के मकबरे पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ की। पिछले 40 साल में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यूनान की यह पहली यात्रा है।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

एथेंस, 25 अगस्त प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को यूनान में अपने कार्यक्रमों की शुरुआत एथेंस में अज्ञात सैनिकों के मकबरे पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ की। पिछले 40 साल में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यूनान की यह पहली यात्रा है।

इसके बाद उन्हें एक समारोह में ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया।

मोदी, यूनान के प्रधानमंत्री किरियाकोस मित्सोताकिस के निमंत्रण पर यहां आए हैं। वह दक्षिण अफ्रीका से यहां यूनान की राजधानी पहुंचे। दक्षिण अफ्रीका में उन्होंने 15वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लिया और विश्व के कई नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं, ताकि उनके देशों के साथ भारत के संबंधों को और मजबूत बनाया जा सके।

यूनान के विदेश मंत्री जॉर्ज गेरापेट्रिटिस ने हवाई अड्डे पर गर्मजोशी से प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया।

यूनान के इस प्राचीन शहर पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने ‘अज्ञात सैनिकों के मकबरे’ पर श्रद्धांजलि अर्पित की।

अज्ञात सैनिक का मकबरा एथेंस में सिंटाग्मा स्क्वायर में स्थित एक युद्ध स्मारक है, जो पुराने रॉयल पैलेस के सामने है। यह विभिन्न युद्धों के दौरान मारे गए यूनान के सैनिकों को समर्पित है।

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यूनान की अपनी पहली यात्रा के लिए ऐतिहासिक शहर एथेंस में कदम रखे। विदेश मंत्री जॉर्ज गेरापेट्रिटिस ने हवाई अड्डे पर गर्मजोशी से उनका स्वागत किया।’’

पोस्ट के साथ साझा किए गए एक वीडियो में बागची ने कहा, ‘‘एथेंस में प्रधानमंत्री का व्यस्त कार्यक्रम है। वह एक अज्ञात सैनिकों के मकबरे पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद वह यूनान के राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे और यूनान के प्रधानमंत्री से भी बातचीत करेंगे।’’

वह अपनी एक-दिवसीय यात्रा के दौरान दोनों देशों के उद्योगपतियों के साथ-साथ यूनान में भारतीय समुदाय के लोगों से भी बातचीत करेंगे।

भारत और यूनान के बीच सभ्यतागत संबंध रहे हैं, जो हाल के वर्षों में समुद्री परिवहन, रक्षा, व्यापार एवं निवेश जैसे क्षेत्रों में सहयोग और लोगों के बीच आपसी संबंधों के माध्यम से मजबूत हुए हैं।

ब्रजेन्द्र

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