एजेंसी न्यूज

मनसे की बीजेपी, शिंदे गुट से नजदीकी बढ़ी: क्या यह महाराष्ट्र में नए राजनीतिक गठबंधन में तब्दील होगी?

महाराष्ट्र में बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एवं मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना के गुट के साथ नजदीकी बढ़ती दिख रही है.

मनसे की बीजेपी, शिंदे गुट से नजदीकी बढ़ी: क्या यह महाराष्ट्र में नए राजनीतिक गठबंधन में तब्दील होगी?
राज ठाकरे (Photo Credits: ANI)

मुंबई, छह नवंबर: महाराष्ट्र में बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एवं मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना के गुट के साथ नजदीकी बढ़ती दिख रही है, जो मराठा मतों की अहम भूमिका वाले मुंबई निकाय चुनावों से पहले एक महत्वपूर्ण कारक साबित हो सकती है. अंधेरी ईस्ट सीट पर उद्धव गुट की ऋतुजा लटके जीतीं, कहा- BJP हार रही थी इसीलिए अपना उम्मीदवार हटाया.

उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली सरकार के जून में गिरने के बाद से उनके चचेरे भाई एवं धुर प्रतिद्वंद्वी राज ठाकरे की शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ बढ़ती नजदीकियों ने नए राजनीतिक गठजोड़ की चर्चा को जन्म दिया है. शिंदे और फडणवीस ने दिवाली की पूर्व संध्या पर शिवाजी पार्क में मनसे के दीपोत्सव कार्यक्रम के लिए राज ठाकरे से मुलाकात की. तीनों के बीच बढ़ती नजदीकियां तब और स्पष्ट हुईं, जब वे मनसे प्रमुख के आवास से शिवाजी पार्क में कार्यक्रम स्थल पर एक साथ पहुंचे.

राज ठाकरे ने पिछले महीने फडणवीस को एक पत्र लिखा था, जिसमें उनसे शिवसेना के दिवंगत विधायक रमेश लटके की पत्नी के पक्ष में अंधेरी पूर्व विधानसभा उपचुनाव से भाजपा उम्मीदवार का नाम वापस लेने का आग्रह किया गया था. भाजपा ने बाद में अपने उम्मीदवार का नाम वापस ले लिया था, जिसके लिए राज ठाकरे ने फडणवीस को धन्यवाद दिया.

शिवसेना के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार के दौरान राज ठाकरे ने मस्जिदों में लाउडस्पीकर का मुद्दा उठाया था और अयोध्या जाने की घोषणा की थी. महाराष्ट्र में सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा और शिंदे गुट के नेताओं ने राज ठाकरे से विभिन्न मौकों पर मुलाकातें कीं. शिंदे और फडणवीस ने भी मनसे प्रमुख से अलग-अलग मुलाकात कीं.

राज ठाकरे ने अपने ‘‘मित्र’’ फडणवीस को एक पत्र भी लिखा था, जिसमें उन्होंने राज्य के उपमुख्यमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण करके अपनी पार्टी के प्रति वफादारी और प्रतिबद्धता का उदाहरण स्थापित करने के लिए उनकी सराहना की. हालांकि, हर पक्ष ने राज्य में संभावित गठजोड़ पर आधिकारिक तौर पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है.

मनसे के एकमात्र विधायक राजू पाटिल ने कहा कि फडणवीस के बाद शिंदे ने दीपोत्सव कार्यक्रम में राज ठाकरे से मुलाकात की. उन्होंने कहा कि वे दिल से और करीब आए हैं लेकिन नेतृत्व के कहे अनुसार ही काम करेंगे.

शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट के कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के साथ गठबंधन करने के बाद भाजपा और मनसे के बीच एक नए राजनीतिक गठजोड़ की बातें जोर पकड़ रही हैं. इस परिदृश्य की संभावना ऐसे समय में दिखी है जब नगर निगम चुनाव खासकर महत्वपूर्ण बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनाव नजदीक हैं.

‘हिंदू हृदय सम्राट- कैसे शिवसेना ने मुंबई को हमेशा के लिए बदल दिया’ की लेखिका सुजाता आनंदन ने कहा कि यह स्पष्ट है कि राज ठाकरे की मनसे भाजपा के साथ जाएगी क्योंकि वह पार्टी के लिए कोई खतरा नहीं है. आनंदन ने ‘पीटीआई-’ से कहा कि इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि 2006 में शिवसेना से अलग होने के बाद से राज ठाकरे की राजनीति ने उद्धव ठाकरे के खिलाफ काम किया है.

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Nov 06, 2022 04:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).