जरुरी जानकारी | देश के तेल-तिलहन बाजार में कारोबार का मिला-जुला रुख
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. देश के थोक तेल-तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को कारोबार का मिला-जुला रुख रहा। विदेशों में गिरावट के रुख के बीच देश में सरसों तेल- तिलहन कीमतों में मामूली गिरावट आई जबकि उत्पादक राज्यों में बारिश की अनश्चितता के बीच सोयाबीन तिलहन कीमतों में सुधार रहा। दूसरी ओर, मूंगफली तेल-तिलहन, सोयाबीन तेल, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल तथा बिनौला तेल कीमतें पूर्वस्तर पर बनी रहीं।
नयी दिल्ली, 31 अगस्त देश के थोक तेल-तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को कारोबार का मिला-जुला रुख रहा। विदेशों में गिरावट के रुख के बीच देश में सरसों तेल- तिलहन कीमतों में मामूली गिरावट आई जबकि उत्पादक राज्यों में बारिश की अनश्चितता के बीच सोयाबीन तिलहन कीमतों में सुधार रहा। दूसरी ओर, मूंगफली तेल-तिलहन, सोयाबीन तेल, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल तथा बिनौला तेल कीमतें पूर्वस्तर पर बनी रहीं।
बाजार सूत्रों ने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज आज बंद है जबकि शिकॉगो एक्सचेंज में फिलहाल मामूली गिरावट है।
उन्होंने कहा कि सोयाबीन के उत्पादक क्षेत्रों में बरसात की कमी है और किसान अपना माल रोक रहे हैं। इस कारण सोयाबीन तिलहन कीमतों में सुधार दिखा। सरसों में सामान्य गिरावट है। दूसरी ओर मलेशिया एक्सचेंज के बंद होने की वजह से सीपीओ और पामोलीन तेल कीमतें पूर्वस्तर पर बनी हुई हैं। कामकाज कम होने के बीच मूंगफली तेल-तिलहन, सोयाबीन तेल और बिनौला तेल के भाव भी पूर्वस्तर पर कायम रहे।
सूत्रों ने कहा कि कांडला पोर्ट पर 26 अगस्त को पामोलीन का स्टॉक 11,700 टन का है, जबकि सोयाबीन तेल का स्टॉक 1,35,730.350 किलोग्राम का है। यानी स्टॉक काफी कम है इसलिए बाकी खाद्य तेल से लदे जहाज को खाली करवाना चाहिये और आगे सॉफ्ट आयल (नरमतेल) की स्थिति पर निगरानी रखे जाने की जरूरत है। सोयाबीन जैसे नरम तेल को मंगाने में कम से कम डेढ़ महीना लगता है। अनिश्चित बरसात और सोयाबीन उत्पादन को लेकर असमंजस की स्थिति के बीच सुरक्षात्मक उपाय के रूप में सोयाबीन के ‘डी-आयल्ड केक’ (डीओसी) निर्यात पर पाबंदी लगाने के बारे में सरकार को विचार करना चाहिये।
उन्होंने कहा कि सरकार को बंदरगाहों पर सस्ते में बिकने वाले आयातित तेल की पैकिंग करवाकर राशन की दुकानों के साथ साथ बाकी दुकानों पर भी इन्हें उपलब्ध कराना चाहिये ताकि उपभोक्ता भी खाद्य तेल की नरमी का लाभ प्राप्त हो सकें।
बृहस्पतिवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:
सरसों तिलहन - 5,595-5,645 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली - 7,765-7,815 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 18,550 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली रिफाइंड तेल 2,710-2,995 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 10,600 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 1,765 -1,860 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 1,765 -1,875 रुपये प्रति टिन।
तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 10,100 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 10,025 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 8,300 रुपये प्रति क्विंटल।
सीपीओ एक्स-कांडला- 8,200 रुपये प्रति क्विंटल।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 9,050 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 9,360 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन एक्स- कांडला- 8,525 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।
सोयाबीन दाना - 5,155-5,250 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन लूज- 4,920-5,015 रुपये प्रति क्विंटल।
मक्का खल (सरिस्का)- 4,015 रुपये प्रति क्विंटल।
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(The above story first appeared on LatestLY on Aug 31, 2023 08:06 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

