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जरुरी जानकारी | खाद्य तेल-तिलहन में मिला-जुला रुख

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में सोमवार को मिले-जुले रुख वाले कारोबार के दौरान एक ओर जहां कच्चे पामतेल (सीपीओ) और पामोलीन तेल कीमतों में मजबूती देखी गई वहीं दूसरी ओर सोयाबीन तेल कीमतों में गिरावट आई। सरसों, मूंगफली तेल-तिलहन, बिनौला और सोयाबीन तिलहन कीमतें पूर्वस्तर पर बंद हुईं।

जरुरी जानकारी | खाद्य तेल-तिलहन में मिला-जुला रुख

नयी दिल्ली, 13 फरवरी दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में सोमवार को मिले-जुले रुख वाले कारोबार के दौरान एक ओर जहां कच्चे पामतेल (सीपीओ) और पामोलीन तेल कीमतों में मजबूती देखी गई वहीं दूसरी ओर सोयाबीन तेल कीमतों में गिरावट आई। सरसों, मूंगफली तेल-तिलहन, बिनौला और सोयाबीन तिलहन कीमतें पूर्वस्तर पर बंद हुईं।

बाजार के जानकार सूत्रों ने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज में कोई घट-बढ़ नहीं है जबकि शिकॉगो एक्सचेंज फिलहाल 0.8 प्रतिशत नीचे है। मलेशिया एक्सचेंज में कारोबार का रुख सामान्य रहने से सीपीओ और पामोलीन तेल कीमतों में मजबूती आई। दूसरी ओर शिकॉगो एक्सचेंज में कमजोरी से सोयाबीन तेल कीमतों में गिरावट आई। सामान्य कारोबार के बीच बाकी तेल- तिलहनों के भाव पूर्वस्तर पर बंद हुए।

सूत्रों ने कहा कि कुछ तेल संगठनों के प्रतिनिधि आयात शुल्क बढ़ाने से मुद्रास्फीति बढ़ने की चिंता जाहिर कर रहे हैं। जबकि कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि आयात शुल्क में वृद्धि करने से देशी तेल-तिलहन बाजार में खपेंगे और डीआयल्ड केक (डीओसी) और खल उत्पादन बढ़ने से मुद्रास्फीति कम होगी क्योंकि दूध, चिकन, अंडों के दाम सस्ते होंगे। अभी सिर्फ सूरजमुखी तेल का ही कोटा प्रणाली के तहत शुल्क मुक्त आयात हो रहा है। मुद्रास्फीति की चिंता जाहिर करने वालों को उस समय भी अपनी बात उठानी चाहिये थी जब बंदरगाहों पर कोटा प्रणाली के तहत शुल्क मुक्त आयातित सूरजमुखी और सोयाबीन तेल प्रीमियम राशि के साथ बेचे जाने के कारण उपभोक्ताओं को महंगा मिल रहा था।

सूत्रों ने कहा कि सूरजमुखी और सोयाबीन जैसे आयातित तेलों के भाव सस्ते बने रहने की वजह से सबसे बड़ी समस्या सरसों तेल-तिलहन के साथ-साथ मूंगफली, सोयाबीन और बिनौला जैसे अन्य देशी तेल- तिलहनों के खपने की हो रही है। इस ओर गंभीरता से ध्यान देना होगा। किसानों को अधिक दाम मिलें तो वे आगे तिलहन उत्पादन बढ़ाने को प्रेरित होंगे जिससे आयात पर निर्भरता और विदेशी मुद्रा के खर्च में पर्याप्त रूप से बचत होगी। विदेशों में खाद्य तेलों के दाम पहले के मुकाबले अब लगभग आधे रह गये हैं।

सोमवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 5,905-5,955 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 6,475-6,535 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 15,450 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल 2,420-2,685 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 12,250 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,970-2,000 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,930-2,055 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 12,450 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 12,140 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 10,640 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 8,850 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 10,850 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 10,450 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 9,460 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 5,470-5,600 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 5,210-5,230 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का)- 4,010 रुपये प्रति क्विंटल।

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(The above story first appeared on LatestLY on Feb 13, 2023 04:16 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).