देश की खबरें | मीरवाइज को चार अगस्त 2019 से घर से बाहर नहीं निकलने दिया गया : हुर्रियत
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श्रीनगर, 20 अगस्त हुर्रियत कॉन्फ्रेंस ने जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के बयान को खारिज करते हुए कहा है कि मीरवाइज उमर फारूक को चार अगस्त 2019 की शाम से ही अपने आवास से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई है।
सिन्हा ने एक बयान में दावा किया था कि अलगाववादी नेता को उनके घर में नजरबंद करके नहीं रखा गया है ।
सिन्हा ने बीबीसी से बातचीत में कहा है कि मीरवाइज फारूक घर में नजरबंद नहीं है और वह कहीं भी आने-जाने के लिए पूरी तरह से आजाद हैं।
मनोज सिन्हा ने बीबीसी को दिए साक्षात्कार में मीरवाइज को नजरबंद किए जाने के सवाल पर कहा था, ‘‘मैं यह स्पष्ट करूंगा कि उन पर तो 2019 में भी पीएसए (लोक सुरक्षा अधिनियम) नहीं लगा था। उनके पिता जी की भी दुर्भाग्यपूर्ण ढंग से हत्या कर दी गई थी। उनके इर्द-गिर्द पुलिस इसलिए रखते हैं ताकि वो सुरक्षित रह सकें। वो खुद तय करें कि वो क्या करना चाहते हैं। हमारी ओर से न वो नजरबंद हैं और न बंद हैं।’’
हुर्रियत ने उपराज्यपाल के इस बयान को ‘‘तथ्यों की स्पष्ट गलती’’ करार दिया है।
संगठन ने शुक्रवार को एक वक्तव्य में कहा,‘‘हुर्रियत कॉन्फ्रेंस जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल श्री मनोज सिन्हा द्वारा एक मीडिया संस्थान को दिए गए बयान पर आश्चर्य व्यक्त करता है, जिसमें उन्होंने ऑल पार्टीज हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक को अगस्त 2019 के बाद तीन साल से प्रशासन की ओर से नजरबंद किए जाने के तथ्य को खारिज किया है। उपराज्यपाल ने कहा है कि मीरवाइज की सुरक्षा के लिए उनके घर के बाहर सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है।’’
मीरवाइज के करीबी सहयोगियों ने कहा है कि पिछले तीन वर्षों के दौरान केवल कोविड-19 टीकाकरण के लिए ही उन्हें घर से बाहर निकलने की अनुमति मिली थी ।
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