देश की खबरें | खनन पट्टा मामला: याचिकाकर्ता ने और समय मांगा, सुनवाई पांच अगस्त के लिए स्थगित

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. खनन पट्टा स्वयं को देने को लेकर झारखंड के मुख्यमंत्री एवं झामुमो नेता हेमंत सोरेन के खिलाफ मामले में याचिकाकर्ता भाजपा ने बृहस्पतिवार को सुनवाई स्थगित करने का निर्वाचन आयोग से अनुरोध किया।

नयी दिल्ली, 14 जुलाई खनन पट्टा स्वयं को देने को लेकर झारखंड के मुख्यमंत्री एवं झामुमो नेता हेमंत सोरेन के खिलाफ मामले में याचिकाकर्ता भाजपा ने बृहस्पतिवार को सुनवाई स्थगित करने का निर्वाचन आयोग से अनुरोध किया।

अधिकारियों ने बताया कि मामले की सुनवाई अब पांच अगस्त को होगी। उन्होंने बताया कि सुनवाई की तिथि आगे बढ़ाने पर सोरेन की कानूनी टीम सहमत हो गई और निर्वाचन आयोग ने बृहस्पतिवार की सुनवाई स्थगित कर दी।

झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेता के वकील को खनन पट्टा मामले में बृहस्पतिवार को अपनी दलील देनी थी। मामले में भाजपा ने चुनाव कानून के तहत विधायक के तौर पर सोरेन को अयोग्य घोषित करने की मांग की है।

निर्वाचन आयोग ने जब 28 जून को इस मामले में सुनवाई शुरू की थी उस समय भाजपा के वकील ने जन प्रतिनिधित्व कानून, 1951 की धारा 9ए के तहत सोरेन को विधायक के तौर पर अयोग्य घोषित करने की मांग की थी। यह धारा ‘‘सरकारी ठेके आदि प्राप्त करने पर अयोग्य घोषित करने’’ से संबंधित है।

इस मामले में याचिकाकर्ता भाजपा ने कहा था कि सोरेन ने पद पर रहते हुए अपने नाम पर एक सरकारी ठेका लेकर निर्वाचन कानून के प्रावधान का उल्लंघन किया है।

झारखंड के राज्यपाल की मंजूरी के बाद निर्वाचन आयोग ने जन प्रतिनिधित्व कानून की धारा 9ए के तहत झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता को मई में नोटिस जारी किया था। आरोप है कि सोरेन ने अपने नाम पर खनन पट्टा लेकर कानून का उल्लंघन किया।

बहरहाल, सोरेन के वकीलों ने उच्चतम न्यायालय के एक आदेश का हवाला देते हुए कहा है कि कानून की धारा 9ए इस मामले में लागू नहीं होती। ऐसे मामलों की सुनवाई करते समय निर्वाचन आयोग अर्ध-न्यायिक संस्था के तौर पर काम करता है।

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