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घर वापसी के लिए स्टेशन पर लंबी कतारों में खड़े हैं प्रवासी श्रमिक

कतार लंबी और घुमावदार है और कुंडल से पहले कतार में खड़े एक व्यक्ति को कोकराझार जाने के लिए ट्रेन का टिकट मिल गया है, जो गुड़गांव में सफाईकर्मी है। और यह ट्रेन नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन से नहीं बल्कि पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन से रवाना होगी।

घर वापसी के लिए स्टेशन पर लंबी कतारों में खड़े हैं प्रवासी श्रमिक
जमात

नयी दिल्ली, 18 मई सुक्र कुंडल का आधा वेतन गुड़गांव से ऑटो से आने में खर्च हो गया है और अब वह नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन के बाहर दो दिनों से खड़ा है ताकि अपने घर असम लौटने के लिए एक ट्रेन टिकट पाने की खातिर पंजीकरण करा सके।

कतार लंबी और घुमावदार है और कुंडल से पहले कतार में खड़े एक व्यक्ति को कोकराझार जाने के लिए ट्रेन का टिकट मिल गया है, जो गुड़गांव में सफाईकर्मी है। और यह ट्रेन नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन से नहीं बल्कि पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन से रवाना होगी।

पंजीकरण संख्या मिलने के बाद वह कुछ किलोमीटर दूर अंबेडकर नगर स्टेडियम में मेडिकल जांच कराने के लिए बस में सवार होगा। वहां भी उसे कतार में लगना पड़ेगा। अगर सब ठीक रहा तो वह एक और कतार में लगेगा ताकि पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के अंदर जा सके और श्रमिक विशेष रेलगाड़ी पकड़कर अपने घर के लिए रवाना हो सके।

ट्रेन में सवार होने की अनिश्चितता के बीच पंक्तियों में खड़े रहना काफी थकान भरा काम है। कतार में सैकड़ों लोग खड़े हैं और उनके बीच कोई सामाजिक दूरी नहीं है।

मई की दोपहर में गर्मी को मात देकर सैकड़ों लोग काउंटर तक पहुंचने की उम्मीद में हैं। 30 वर्षीय कुंडल का धैर्य अभी बना हुआ है लेकिन परिवार से मिलने से पहले संभवत: उसके पास रुपये नहीं बचें।

उसने कहा, ‘‘मेरे पास महज 2500 रुपये हैं। मैंने कभी नहीं सोचा था कि इतनी लंबी लाइन होगी और मुझे इतना लंबा इंतजार करना होगा। मुझे नहीं पता था कि मुझे पुरानी दिल्ली से ट्रेन पकड़ना पड़ेगा। यहां पहुंचना कठिन था।’’

कुंडल गुड़गांव में एक पेइंग गेस्ट होटल में काम करता है और उसने छह हजार रुपये अर्जित किए लेकिन 25 किलोमीटर की दूरी तय करने में तीन हजार रुपये खर्च हो गए।

उसने कहा, ‘‘मेरी नौकरी चली गई और अब रहने के लिए कोई जगह नहीं है। इसलिए मैं कहीं नहीं जा सकता। मेरी केवल यही उम्मीद है कि मुझे टिकट मिलेगा। मेरे बच्चे मुझे रोज फोन करते हैं और कहते हैं कि मैं कब घर आऊंगा।’’

लाखों श्रमिक पैदल या साइकिल से घरों के लिए लौट रहे हैं जिस दौरान उनमें से कई मौत का शिकार बन रहे हैं या वे जख्मी हो रहे हैं।

कई लोगों को इस बात की जानकारी नहीं है कि श्रमिक विशेष रेलगाड़ियां 13 मई से नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन से नहीं खुल रही बल्कि पुरानी दिल्ली और आनंद विहार रेलवे स्टेशनों से खुल रही हैं। इसलिए भी वे लोग परेशान हैं।

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(The above story first appeared on LatestLY on May 18, 2020 04:41 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).