देश की खबरें | कांग्रेस नेतृत्व का डीसीसी अध्यक्षों को संदेश: एकजुट रहें, विचारधारा की लड़ाई मजबूती से लड़ें
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कांग्रेस नेतृत्व ने पार्टी की जिला इकाइयों को सशक्त बनाने की कवायद के तहत बृहस्पतिवार को 13 राज्यों और तीन केंद्रशासित प्रदेशों के जिला अध्यक्षों के साथ विचार मंथन किया, जिसमें पार्टी नेतृत्व ने एकजुटता और विचारधारा की लड़ाई को मजबूत करने का आह्वान किया।
नयी दिल्ली, 27 मार्च कांग्रेस नेतृत्व ने पार्टी की जिला इकाइयों को सशक्त बनाने की कवायद के तहत बृहस्पतिवार को 13 राज्यों और तीन केंद्रशासित प्रदेशों के जिला अध्यक्षों के साथ विचार मंथन किया, जिसमें पार्टी नेतृत्व ने एकजुटता और विचारधारा की लड़ाई को मजबूत करने का आह्वान किया।
पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि जिला कांग्रेस कमेटी एक नींव के समान है और कोई भी भवन मज़बूत नींव के बगैर मजबूती नहीं हासिल कर सकता तथा ‘सुदृढ़ कांग्रेस’ की बदौलत ही बेहतर भारत का निर्माण होगा।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में यह बैठक पार्टी मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ में हुई। अन्य राज्यों के जिला कांग्रेस कमेटियों (डीसीसी) के अध्यक्षों की अगली बैठक आगामी तीन और चार अप्रैल हो होगी।
बैठक के बाद राहुल गांधी ने अपने व्हाट्सऐप चैनल पर पोस्ट किया, ‘‘मजबूत जिले, सुदृढ़ कांग्रेस, बेहतर भारत। कांग्रेस अध्यक्ष खरगे जी के नेतृत्व में हमारे जिला अध्यक्षों के साथ हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में मैंने कांग्रेस पार्टी की नींव के रूप में उनकी भूमिका पर जोर दिया। उनके बिना, पार्टी आगे नहीं बढ़ सकती, सफल नहीं हो सकती।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमारी लड़ाई सिर्फ आरएसएस-भाजपा के खिलाफ नहीं है, यह एक ऐसे भारत के लिए है जहां हर नागरिक, हर समुदाय को सपने देखने और हासिल करने का अधिकार है। हम सब मिलकर एक मजबूत कांग्रेस और एक न्यायपूर्ण भारत का निर्माण करेंगे।’’
खरगे ने राज्यों में चुनाव जीतने के लिए दीर्घकालिक रणनीति के साथ एकजुट होकर काम करने के वास्ते पार्टी की जिला इकाई प्रमुखों का आह्वान किया और कहा कि संगठन की विचारधारा मजबूत है, लेकिन इसे सत्ता के बिना देश में लागू नहीं किया जा सकता है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में ‘इंडिया’ गठबंधन की पार्टियों ने भाजपा और उसके सहयोगियों के खिलाफ एकजुट होकर लड़ाई लड़ी, जिससे भाजपा को 240 सीट तक सीमित कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस को 20-30 सीट और मिलतीं तो एक वैकल्पिक सरकार बन जाती।
खरगे ने डीसीसी प्रमुखों से कहा, ‘‘हमारे ‘संविधान बचाओ’ अभियान ने संविधान को बदलने की भाजपा-आरएसएस की गुप्त मंशा को उजागर कर दिया है। आज, भाजपा के पास बहुमत नहीं है और वह दो घटक दलों पर निर्भर है। एक प्रधानमंत्री ने अहंकारपूर्वक दावा किया था कि वह 400 सीट जीतेंगे, लेकिन उन्हें हमारे द्वारा एक बड़ा झटका दिया गया।’’
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘कांग्रेस पार्टी ने लगभग 100 सीट हासिल कीं। अगर हमने अधिक मेहनत की होती, तो हम 20-30 सीट और हासिल कर सकते थे। इतनी सीट हासिल करने से देश में वैकल्पिक सरकार बन सकती थी। अगर हमने यह कर लिया होता, तो हम अपने स्वतंत्र संस्थानों, लोकतंत्र और संविधान पर व्यवस्थित हमले को रोक सकते थे।’’
उन्होंने कहा कि भाजपा और आरएसएस के खिलाफ कांग्रेस की लड़ाई संसद के अंदर और बाहर दोनों जगह जारी है।
कांग्रेस प्रमुख ने कहा, ‘‘हमें इस लड़ाई को सड़कों पर ले जाना चाहिए।’’
जिला अध्यक्षों की भूमिका के महत्व पर जोर देते हुए खरगे ने कहा कि वे सिर्फ दूत नहीं हैं, बल्कि कांग्रेस पार्टी के सेनापति हैं, जो जमीन पर आगे बढ़कर नेतृत्व कर रहे हैं।
बैठक के बाद कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘आज एक ऐतिहासिक बैठक हुई। इसमें 338 जिला कांग्रेस के अध्यक्ष शामिल हुए, जो 13 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों से यहां आए बैठक में दोतरफा संवाद हुआ, जिसमें हमारे शीर्ष नेतृत्व के साथ जिला अध्यक्षों ने भी अपने विचार और सुझाव रखे।’’
उन्होंने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने कहा कि कांग्रेस पार्टी जिस संदेश और विचारधारा की लड़ाई लड़ रही है, उस लड़ाई को जिला कांग्रेस अध्यक्षों के माध्यम से ही हर घर तक ले जाने का काम हो सकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘राहुल गांधी जी ने कहा कि जिला कांग्रेस कमेटी एक नींव के समान है और कोई भी भवन मज़बूत नींव के बगैर खुद मजबूती नहीं हासिल कर सकता।’’
उनके मुताबिक, ‘‘बैठक में चार अलग-अलग प्रस्तुति भी दी गई। इनमें से एक के तहत बताया गया कि कैसे चुनाव में मंडल तक की पार्टी इकाइयां सक्रिय होंगी। साथ ही खरगे जी और राहुल जी ने जो वोटर लिस्ट का मुद्दा उठाया, उस पर कैसे प्रभावी ढंग से काम हो, कैसे उस पर निगरानी रखी जाए।’’
खेड़ा ने कहा, ‘‘यह पहले चरण की बैठक हुई है। तीन-चार अप्रैल को दूसरे चरण की बाकी राज्यों की बैठकें होंगी और कांग्रेस के गुजरात अधिवेशन से पहले ख़त्म हो जाएंगी।’’
उन्होंने इस बात पर जोर दिया, ‘‘उदयपुर चिंतन शिविर में निर्णय लिया गया था कि को मजबूत और प्रभावी बनाया जाए। आज उसी दिशा में एक बहुत बड़ा कदम उठाया गया है।’’
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