देश की खबरें | शिकायत में मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह का नाम लेने वाले कारोबारी से हटा मकोका

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मुंबई, 12 जून मुंबई पुलिस के पूर्व आयुक्त परमबीर सिंह और दो अन्य अधिकारियों के खिलाफ वसूली रोधी प्रकोष्ठ में रंगदारी के लिए दबाव बनाने की शिकायत दर्ज कराने वाले कारोबारी और उसके परिवार के दो सदस्यों से सख्त मकोका की धाराएं हटा ली गई हैं। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।

कारोबारी से मकोका हटाया जाना अपराध शाखा के लिए झटका माना जा रहा है।

हाल में कारोबारी हेमंत बैंकर ने मुंबई के पुलिस आयुक्त संजय पांडे से मुलाकात की थी जिन्होंने उसके मामले को एसीपी (अपराध) को स्थानांतरित कर दिया था जिसके बाद बैंकर का बयान दर्ज किया गया।

सूत्रों ने बताया कि अपराध शाखा के अधिकारी को बैंकर का संबंध अंडरवर्ल्ड से नहीं मिला, जिसके बाद मकोका हटाया गया।

बैंकर ने बिल्डर, मुंबई पुलिस के दो अधिकारियों और अन्य पर आरोप लगाया कि उन्होंने उसके खिलाफ फर्जी वसूली का मामला दर्ज करने तथा महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत कार्रवाई करने की धमकी दी थी।

पांडे द्वारा मामला एसीपी (अपराध) को स्थानांतरित किए जाने के बाद बिल्डर कैलाश अग्रवाल और अन्य के खिलाफ बैंकर का बयान दर्ज किया गया।

बैंकर ने अपनी शिकायत में दावा किया कि वर्ष 2021 में फर्जी मामला दर्ज करने और उसमें जमानत मिलने के बाद कई बार अपराध शाखा के कार्यालय में उसे बुलाया गया और उन पर समझौता करने का दबाव बनाया गया तथा ऐसा नहीं करने पर मकोका के तहत कार्रवाई करने की धमकी दी गई।

उल्लेखनीय है कि मकोका के तहत दर्ज मामलों में जमानत मिलनी मुश्किल होती है।

शिकायत में कहा गया कि मुंबई के तत्कालीन पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह को पूरे प्रकरण की जानकारी थी।

बैंकर ने एईसी के दो अधिकारियों को भी अपनी शिकायत में नामजद किया। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों अधिकारियों ने बिल्डर अग्रवाल से समझौता करने या उनके व परिवार के सदस्यों के खिलाफ मकोका के तहत कार्रवाई की धमकी दी।

शिकायत के मुताबिक, बैंकर जब सहमत नहीं हुए तो उसे मकोका के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया गया।

बैंकर के अधिवक्ता आसिफ अली खान ने कहा, ‘‘बैंकर से मकोका का हटना साबित करता है कि मेरे मुवक्किल के खिलाफ वसूली का मुकदमा भी फर्जी तरीके से दर्ज किया गया। हमने बिल्डर कैलाश अग्रवाल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है, जिसने धोखाधड़ी की और मेरे मुवक्किल को धमकी दी व रुपयों की वसूली की। पुलिस अधिकारियों ने उसकी ओर से काम किया। हमने मामले को गुण-दोष के आधार पर लेने का अनुरोध किया है। हमारे पास आरोपी के खिलाफ सभी सबूत हैं।’’

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