देश की खबरें | एमसीडी महापौर चुनाव: उपराज्यपाल ने भाजपा पार्षद को बनाया पीठासीन अधिकारी, आप ने किया पलटवार

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नयी दिल्ली, पांच जनवरी दिल्ली के उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के महापौर के चुनाव के लिए छह जून को होने वाली पहली सदन की पहली बैठक के लिए बृहस्पतिवार को भाजपा पार्षद सत्या शर्मा को पीठासीन अधिकारी के रूप में नामित किया।

नियुक्ति पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए आम आदमी पार्टी (आप) ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह सभी लोकतांत्रिक परंपराओं और संस्थानों को नष्ट करने पर उतारू है।

दिल्ली में चार दिसंबर को हुए नगर निगम चुनावों के बाद नगरपालिका की पहली बैठक शुक्रवार को होने वाली है, जिसके दौरान सभी नवनिर्वाचित पार्षद शपथ लेंगे और महापौर और उप महापौर चुने जाएंगे।

अधिसूचना में कहा गया है, “राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के उपराज्यपाल अधिनियम की धारा 77 के तहत महापौर के चुनाव में बैठक की अध्यक्षता करने के लिए वार्ड संख्या 226 की पार्षद सत्या शर्मा को नामांकित करते हैं।”

साथ ही इसमें कहा गया है, “उन्हें अधिनियम की धारा 32 के अनुसार नई दिल्ली के जिलाधिकारी संतोष कुमार राय द्वारा शपथ दिलाई जाएगी। अन्य पार्षदों को शपथ (पीठासीन अधिकारी द्वारा) दिलाई जाएगी।”

शपथ ग्रहण समारोह के बाद, अधिनियम की धारा 35 के अनुसार, नवगठित नगर निगम महापौर का चुनाव करेगा।

एमसीडी अधिकारियों ने कहा कि महापौर पद के लिए तीन नामांकन मिले हैं जिनमें दो ‘आप’ से और एक भाजपा से है।

पार्टी सूत्रों ने कहा कि ‘आप’ का एक उम्मीदवार विकल्प के तौर पर (बैकअप) है।

महापौर पद के लिए उम्मीदवार शैली ओबेरॉय और आशु ठाकुर (आप) और रेखा गुप्ता (भाजपा) हैं। ओबेरॉय ‘आप’ के मुख्य दावेदार हैं।

उप महापौर पद के लिए आले मोहम्मद इकबाल और जलज कुमार (आप) तथा कमल बागरी (भाजपा) हैं।

अधिसूचना में आगे कहा गया है, “इस प्रकार चुने गए महापौर तब आसन ग्रहण करेंगे और क्रमशः अधिनियम की धारा 35 (1) और 45 (1)(i) के तहत उप महापौर और स्थायी समिति के छह सदस्यों का चुनाव कराएंगे।”

उल्लेखनीय है कि सात दिसंबर को ‘आप’ ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के 250 में से 134 वार्ड में जीत हासिल करके भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 15 साल तक चले शासन पर विराम लगा दिया था। चुनाव में भाजपा ने 104 वार्ड में जबकि कांग्रेस ने नौ सीटों पर जीत दर्ज की थी।

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