विदेश की खबरें | रिपब्लिकन पार्टी के मैककार्थी तीसरे दिन भी प्रतिनिधि सभा का अध्यक्ष पद नहीं हासिल कर सके

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. प्रतिनिधि सभा का अध्यक्ष चुनने की प्रक्रिया अब तनावपूर्ण हो गई है, क्योंकि मैककार्थी सातवें, आठवें, नौवें, 10वें और 11वें चरण के चुनाव में भी पर्याप्त वोट जुटाने में नाकाम रहे हैं। डेमोक्रेटिक सांसदों के विरोध के बावजूद रिपब्लिकन सांसदों ने स्थगन और किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए शुक्रवार को फिर से जुटने के लिए वोट किया।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

प्रतिनिधि सभा का अध्यक्ष चुनने की प्रक्रिया अब तनावपूर्ण हो गई है, क्योंकि मैककार्थी सातवें, आठवें, नौवें, 10वें और 11वें चरण के चुनाव में भी पर्याप्त वोट जुटाने में नाकाम रहे हैं। डेमोक्रेटिक सांसदों के विरोध के बावजूद रिपब्लिकन सांसदों ने स्थगन और किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए शुक्रवार को फिर से जुटने के लिए वोट किया।

मैककार्थी के समर्थकों और विरोधियों के बीच जारी गतिरोध के चलते सदन में नए सत्र का कामकाज शुरू नहीं हो सका। सदन में उस वक्त अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई, जब मैककार्थी के आलोचक रिपब्लिकन पार्टी के मैट गेट्ज ने सांकेतिक रूप से डोनाल्ड ट्रंप के नाम पर वोट डाल दिया। इस कदम को पार्टी के भीतर भारी मतभेद के तौर पर देखा जा रहा है। ट्रंप के नाम पर एक वोट पड़ने से पूरा सदन ठहाकों से गूंज उठा।

मैककार्थी के समर्थकों ने बहुमत हासिल करने के प्रयासों के लिए कई नए प्रस्ताव दिए हैं और पार्टी के सदस्यों से इस संबंध में बातचीत चल रही है।

डेमोक्रेटिक पार्टी के जो नेगस ने अध्यक्ष पद के लिए अपनी पार्टी के हकीम जेफरीज को नामित किया और कहा, ‘‘इस सदन को एक विश्वसनीय नेता की जरूरत है।’’

न्यूयॉर्क के जेफरीज को प्रत्येक चरण में अधिक मत मिले हैं, लेकिन वह पर्याप्त सदस्यों का समर्थन नहीं हासिल कर सके हैं। मैककार्थी दूसरे स्थान पर हैं। उन पर अब इस बात का दबाव है कि वह या तो पर्याप्त वोट जुटाएं अथवा इस दौड़ से हट जाएं, ताकि प्रतिनिधि सभा का कामकाज शुरू हो सके।

एपी

शोभना मनीषा पारुल

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