देश की खबरें | सहारनपुर में दहेज को लेकर विवाहिता का उत्पीड़न, एचआईवी संक्रमित इंजेक्शन लगाए

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. सहारनपुर में एक महिला के ससुराल वालों ने दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर कथित तौर पर उसका उत्पीड़न करने के साथ ही उसे ‘ह्यूमन इम्यूनोडिफिशिएंसी वायरस’ (एचआईवी) से संक्रमित इंजेक्शन लगा दिया। एचआईवी संक्रमण से एड्स की बीमारी होती है।

सहारनपुर (उप्र), 16 फरवरी सहारनपुर में एक महिला के ससुराल वालों ने दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर कथित तौर पर उसका उत्पीड़न करने के साथ ही उसे ‘ह्यूमन इम्यूनोडिफिशिएंसी वायरस’ (एचआईवी) से संक्रमित इंजेक्शन लगा दिया। एचआईवी संक्रमण से एड्स की बीमारी होती है।

एक पुलिस अधिकारी ने रविवार को बताया कि महिला के माता-पिता द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है।

पुलिस ने यह भी कहा कि महिला के पति और उसके देवर समेत चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

गंगोह थाना के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) रोजंत त्यागी ने महिला के पिता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत का हवाला देते हुए कहा कि शिकायतकर्ता की बेटी सोनल की शादी 15 फरवरी, 2023 को अभिषेक (उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के निवासी) से हुई थी।

महिला के पिता ने शादी में अपनी क्षमता से अधिक आभूषण, नकदी और कार आदि चीजें दहेज के रूप में दी थीं, लेकिन उसके ससुराल वाले संतुष्ट नहीं थे और उन्होंने एक बड़ी कार और अतिरिक्त 25 लाख रुपये की मांग की।

पुलिस के अनुसार, पिता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि जब यह मांग पूरी नहीं की जा सकी, तो ससुरालियों ने उनकी बेटी को मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया और उसे घर से बाहर निकाल दिया।

पुलिस ने कहा कि तबीयत बिगड़ने पर जब माता-पिता ने अपनी बेटी को अस्पताल में भर्ती कराया तो पता चला कि उनकी बेटी एचआईवी संक्रमित है। परिवार का आरोप है कि दहेज के कारण उनकी बेटी को न सिर्फ अनाप-शनाप दवाइयां दी गईं, बल्कि उसे एचआईवी संक्रमित इंजेक्शन भी लगाए गए जिससे उनकी बेटी की जान खतरे में पड़ गई।

त्यागी ने कहा कि महिला के पति और उसके देवर सहित चार लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 307 (हत्या का प्रयास) और घरेलू हिंसा अधिनियम व दहेज प्रतिषेध अधिनियम से महिलाओं की सुरक्षा के प्रावधान के तहत मामला दर्ज किया गया है।

उन्होंने बताया कि जिले की एक अदालत के 10 फरवरी के आदेश के बाद 11 फरवरी को मामला दर्ज किया गया था। यह पूछे जाने पर कि कथित तौर पर एचआईवी संक्रमित इंजेक्शन कब लगाया गया, त्यागी ने कहा कि ये आरोप हैं और जांच के दौरान यह स्पष्ट हो जाएगा।

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