जरुरी जानकारी | बाजार में दूसरे दिन गिरावट; सेंसेक्स 183 अंक लुढ़का, सप्ताह के दौरान दोनों सूचकांक नुकसान में
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. बिकवाली दबाव से शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट आयी। वैश्विक स्तर पर कमजोर रुख और आईटी कंपनी टीसीएस का वित्तीय परिणाम अनुमान से कम रहने से निवेशक जोखिम लेने से बचते दिखे।
मुंबई, नौ जुलाई बिकवाली दबाव से शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट आयी। वैश्विक स्तर पर कमजोर रुख और आईटी कंपनी टीसीएस का वित्तीय परिणाम अनुमान से कम रहने से निवेशक जोखिम लेने से बचते दिखे।
बाजार के नीचे आने में बैंक, वित्तीय और आईटी शेयरों का योगदान सर्वाधिक रहा। जबकि धातु शेयरों के लिये मजबूत मांग ने गिरावट पर कुछ अंकुश लगाया।
तीस शेयरों पर आधारित सूचकांक 182.75 अंक यानी 0.35 प्रतिशत की गिरावट के साथ 52,386.19 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 38.10 अंक यानी 0.24 प्रतिशत टूटकर 15,689.80 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स के शेयरों में 1.99 प्रतिशत की गिरावट के साथ बजाज ऑटो का शेयर सर्वाधिक नुकसान में रहा। इसके बाद टीसीएसका स्थान रहा, जिसमें 1.52 प्रतिशत की गिरावट आयी।
देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी का शुद्ध लाभ अप्रैल-जून तिमाही में 28.5 प्रतिशत उछलकर 9,008 करोड़ रुपये रहा। हालांकि कंपनी ने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण घरेलू करोबार पर असर पड़ा। इससे उसकी कुल वृद्धि प्रभावित हुई है।
इसके अलावा, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टेक महिंद्रा, कोटक बैंक और इंडसइंड बैंक में भी गिरावट रही।
दूसरी तरफ, टाटा स्टील में सर्वाधिक 4.16 प्रतिशत की तेजी आयी। बजाज फिनसर्व, भारती एयरटेल, एनटीपीसी, मारुति और बजाज फाइनेंस समेत अन्य शेयर लाभ में रहे।
सप्ताह के दौरान सेंसेक्स 98.48 अंक यानी 0.18 प्रतिशत टूटा जबकि निफ्टी में 32.40 अंक यानी 0.20 प्रतिशत की गिरावट आयी।
रिलायंस सिक्योरिटीज के रणनीति प्रमुख विनोद मोदी ने कहा कि वित्तीय शेयरों में मुनाफावसूली जारी रहने से घरेलू शेयर बाजार में गिरावट आयी।
हालांकि धातु, दवा और रियल्टी सूचकांक चमक में रहे जबकि टीसीएस की आय अनुमान से कम रहने से आईटी सूचकांक में नरमी रही। मझोली और छोटी कंपनियों (मिडकैप और स्मॉलकैप) के शेयरों में लिवाली देखी गयी। इसका कारण कमाई की संभावना में सुधार से निवेशक इसकी ओर आकर्षित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘राज्यों में पाबंदियों में ढील से कारोबारी गतिविधियां बढ़ रही हैं। लेकिन हाल में संक्रमण के मामले बढ़ना निकट भविष्य में जोखिम का कारण हो सकता है। जापान में तोक्यो में नई पाबंदियां लगायी जा रही हैं।’’
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘एशिया के अन्य बाजारों में कमजोर रुख के साथ घरेलू बाजार में मंदड़िये हावी हैं। वैश्विक स्तर पर डेल्टा वायरस के फैलने से निवेशकों का भरोसा कम हुआ है...।’’
उन्होंने कहा, ‘‘आईटी क्षेत्र में में नरमी रही क्योंकि शुरूआती परिणाम बाजार की उम्मीद के अनुरूप नहीं रहा...घरेलू निवेशकों का ध्यान शेयर कारोबार के बजाए प्राथमिक आकर्षक आईपीओ की ओर गया है। इससे कारोबार की नकदी पर असर पड़ा है। हालांकि यह स्थिति अल्प अवधि के लिये है।’’
एशिया के अन्य बाजारों में शंघाई, सियोल और तोक्यो नुकसान में रहे जबकि हांगकांग में तेजी रही। यूरोप के प्रमुख बाजारों में शुरूआती कारोबार में तेजी का रुख रहा।
इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.08 प्रतिशत बढ़कर 74.92 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर 7 पैसे की बढ़त के साथ 74.64 पर बंद हुई।
शेयर बाजार के पास उपलब्ध आंकड़े के अनुसार विदेशी संस्थागत निवशक पूंजी बाजार में बृहस्पतिवार को शुद्ध बिकवाल रहे। उन्होंने 554.92 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 09, 2021 06:04 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

