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जरुरी जानकारी | शुरुआती गिरावट से उबरा बाजार, सेंसेक्स 173 अंक चढ़ा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. रिलायंस इंडस्ट्रीज, लार्सन एंड टुब्रो और आईटीसी के शेयरों में लिवाली से स्थानीय शेयर बाजार बुधवार को शुरुआती गिरावट से उबर गया और लाभ के साथ बंद हुआ। एशियाई और यूरोपीय बाजारों के सकारात्मक रुख के बीच लिवाली से बाजार में तेजी आई।

जरुरी जानकारी | शुरुआती गिरावट से उबरा बाजार, सेंसेक्स 173 अंक चढ़ा

मुंबई, 27 सितंबर रिलायंस इंडस्ट्रीज, लार्सन एंड टुब्रो और आईटीसी के शेयरों में लिवाली से स्थानीय शेयर बाजार बुधवार को शुरुआती गिरावट से उबर गया और लाभ के साथ बंद हुआ। एशियाई और यूरोपीय बाजारों के सकारात्मक रुख के बीच लिवाली से बाजार में तेजी आई।

तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 173.22 अंक यानी 0.26 प्रतिशत लाभ के साथ 66,118.69 अंक पर बंद हुआ।

सेंसेक्स शुरूआती कारोबार में नुकसान में रहा तथा बाद में और लुढ़ककर 65,549.96 अंक तक आ गया था। हालांकि, रिलायंस, एलएंडटी, इन्फोसिस और मारुति में लिवाली से यह नुकसान से उबरा। एक समय यह 226.8 अंक तक चढ़ गया था।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 51.75 अंक यानी 0.26 प्रतिशत की बढ़त के साथ 19,716.45 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह नीचे में 19,554 और ऊंचे में 19,730.70 अंक तक गया।

सेंसेक्स की कंपनियों में लार्सन एंड टुब्रो, आईटीसी, सन फार्मा, मारुति, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एक्सिस बैंक, इंडसइंड बैंक और हिंदुस्तान यूनिलीवर लाभ में रहे।

दूसरी तरफ, नुकसान में रहने वाले शेयरों में टाइटन, भारतीय स्टेट बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, टाटा स्टील और नेस्ले शामिल हैं।

एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग लाभ में रहे।

यूरोप के प्रमुख बाजारों में शुरुआती कारोबार में तेजी का रुख रहा। अमेरिकी बाजार मंगलवार को नुकसान में रहे थे।

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.98 प्रतिशत की बढ़त के साथ 94.88 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने मंगलवार को 693.47 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे।

जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘यूरोपीय बाजारों में अच्छी शुरुआत से बाजार दोपहर कारोबार में लाभ में आया। वैश्विक स्तर पर ब्याज दर तथा तेल के ऊंचे दाम को लेकर चिंता की भरपाई घरेलू कारकों से हुई। इसमें आर्थिक वृद्धि दर बेहतर रहने की संभावना और कंपनियों का तिमाही परिणाम अच्छा रहने का अनुमान शामिल है...।’’

उन्होंने कहा कि विदेशी संस्थागत निवेशकों की पूंजी निकासी जारी रहने और बॉन्ड प्रतिफल बढ़ने का अन्य सूचकांकों पर नकारात्मक असर देखने को मिल सकता है।

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(The above story first appeared on LatestLY on Sep 27, 2023 04:44 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).