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जरुरी जानकारी | जीडीपी आंकड़ें, वैश्विक संकेतों से तय होगी बाजार की चाल: विश्लेषक

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. इस सप्ताह जारी होने वाले जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) आंकड़े समेत प्रमुख वृहत आर्थिक आंकड़े, वायदा एवं विकल्प खंड में मासिक सौदों के निपटाने और वैश्विक संकेतों से बाजार की दिशा तय होगी। विश्लेषकों ने रविवार को यह कहा।

जरुरी जानकारी | जीडीपी आंकड़ें, वैश्विक संकेतों से तय होगी बाजार की चाल: विश्लेषक

नयी दिल्ली, 25 अगस्त इस सप्ताह जारी होने वाले जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) आंकड़े समेत प्रमुख वृहत आर्थिक आंकड़े, वायदा एवं विकल्प खंड में मासिक सौदों के निपटाने और वैश्विक संकेतों से बाजार की दिशा तय होगी। विश्लेषकों ने रविवार को यह कहा।

उन्होंने कहा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व के प्रमुख जेरोम पॉवेल की टिप्पणियों का भी बाजार पर असर दिखने को मिल सकता है।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के खुदरा शोध प्रमुख सिद्धार्थ खेमका ने कहा, ‘‘इस सप्ताह, हमारा अनुमान है कि शेयर-विशिष्ट गतिविधियों के साथ बाजार में धीरे-धीरे तेजी देखने को मिलेगी। निवेशकों की नजर वायदा एवं विकल्प कारोबार में मासिक सौदों के निपटान के साथ-साथ वैश्विक संकेतों पर रहेगी।

उन्होंने कहा कि बाजार मंगलवार को जैक्सन होल संगोष्ठि में अमेरिकी फेडरल रिजर्व के प्रमुख की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देगा।

पॉवेल ने शुक्रवार को संकेत दिया कि केंद्रीय बैंक सितंबर की बैठक में अपनी ब्याज दर में कटौती करेगा। पॉवेल ने अपने संबोधन में भविष्य में ब्याज दर में कटौती के लिए आधार तैयार किया। उन्होंने कहा, ‘‘नीति को समायोजित करने का समय आ गया है।’’

एक्सिस सिक्योरिटीज पीएमएस के मुख्य निवेश अधिकारी नवीन कुलकर्णी ने कहा, ‘‘बाजार सितंबर में फेडरल रिजर्व की अगली बैठक के दौरान ब्याज दर में कटौती की उम्मीद कर रहा है। नौकरियों के कमजोर आंकड़ों के बीच ऐसे संकेत हैं कि नीतिगत दर में कटौती की गति तेज हो सकती है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, पॉवेल का मानना ​​है कि निकट भविष्य में अमेरिकी अर्थव्यवस्था के मंदी आने की संभावना बहुत कम है। इसका मतलब है कि नीतिगत दर में कटौती आम सहमति के अनुरूप होगी और दर में अधिक कटौती की संभावना कम हो सकती है।’’

फेड प्रमुख के संबोधन के बाद अमेरिकी बाजारों में तेजी रही और शुक्रवार को बढ़त के साथ बंद हुए।

विशेषज्ञों ने कहा कि इस सप्ताह वायदा एवं विकल्प खंड में सौदों के मासिक निपटान के कारण व्यापारियों को अगले सत्रों में कुछ उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

बीते सप्ताह, बीएसई सेंसेक्स में 649.37 अंक यानी 0.80 प्रतिशत की तेजी रही। एनएसई निफ्टी भी 282 अंक यानी 1.1 प्रतिशत की बढ़त में रहा।

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘सकारात्मक अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों से इस सप्ताह भारतीय बाजार में तेजी जारी रही है। अमेरिकी आंकड़े से अमेरिकी मंदी की आशंका कम हुई है। इसके अलावा, इजरायल और हमास के बीच संघर्ष विराम को लेकर बातचीत को लेकर सकारात्मक वैश्विक धारणा और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने तेजी में योगदान दिया।’’

विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शेयर बाजार से 1,608.89 करोड़ रुपये निकाले। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों ने अपनी खरीदारी जारी रखी और पिछले सप्ताह 13,020.29 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजीत मिश्रा के अनुसार, घरेलू स्तर पर निवेशकों की नजर जीडीपी और बुनियादी ढांचे के उत्पादन सहित वृहत आर्थिक आंकड़ों पर होगी। 30 अगस्त को चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के जीडीपी आंकड़े जारी होंगे। इसके अलावा, जुलाई के लिए बुनियादी ढांचा क्षेत्र के उत्पादन का आंकड़ा भी जारी किया जाएगा।

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(The above story first appeared on LatestLY on Aug 25, 2024 04:22 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).