जरुरी जानकारी | रेपो दर को स्थिर रखने से बाजार को मिला समर्थन, सेंसेक्स नए शिखर पर
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. नीतिगत ब्याज दर को स्थिर रखने के रिजर्व बैंक के फैसले से घरेलू शेयर बाजार का सूचकांक सेंसेक्स नकारात्मक वैश्विक संकेतों के बावजूद शुक्रवार को मामूली बढ़त के साथ नए शिखर पर पहुंचने में सफल रहा जबकि निफ्टी में मामूली गिरावट रही।
मुंबई, पांच अप्रैल नीतिगत ब्याज दर को स्थिर रखने के रिजर्व बैंक के फैसले से घरेलू शेयर बाजार का सूचकांक सेंसेक्स नकारात्मक वैश्विक संकेतों के बावजूद शुक्रवार को मामूली बढ़त के साथ नए शिखर पर पहुंचने में सफल रहा जबकि निफ्टी में मामूली गिरावट रही।
बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित सूचकांक सेंसेक्स 20.59 अंक यानी 0.03 प्रतिशत बढ़कर 74,248.22 अंक के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ। दिन में कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 74,361.11 का नया उच्चस्तर भी छुआ।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का सूचकांक निफ्टी 0.95 अंक की मामूली गिरावट के साथ 22,513.70 अंक पर बंद हुआ। बिकवाली के असर में निफ्टी के 50 में से 28 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए।
दरअसल भारतीय बाजार नीतिगत रेपो दर को 6.5 प्रतिशत पर स्थिर रखने के रिजर्व बैंक के फैसले से एक सीमित दायरे में रहे। रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने लगातार सातवीं बार रेपो दर को 6.5 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा। लेकिन अप्रैल-जून के दौरान सामान्य से अधिक गर्मी पड़ने के अनुमान को देखते हुए खाद्य मुद्रास्फीति चिंता का विषय बनी हुई है।
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘हालांकि आरबीआई की नीतिगत बैठक उम्मीद के अनुरूप ही रही लेकिन खाद्य मुद्रास्फीति पर चिंता और लू की चेतावनी ने कारोबारी धारणा को प्रभावित किया।’’
इसके असर में सेंसेक्स के 30 में से 18 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। इनमें अल्ट्राटेक सीमेंट, एलएंडटी, भारती एयरटेल, बजाज फाइनेंस, टेक महिंद्रा, एशियन पेंट्स, मारुति, टाइटन और जेएसडब्ल्यू स्टील प्रमुख रूप से शामिल हैं।
इसके उलट कोटक महिंद्रा बैंक ने सर्वाधिक 2.09 प्रतिशत की तेजी हासिल की। बजाज फिनसर्व, एचडीएफसी बैंक, आईटीसी और एसबीआई के शेयर भी बढ़त के साथ बंद हुए।
रेपो दर स्थिर रखने के फैसले से बैंकिंग एवं गैर-बैंकिंग वित्त कंपनियों के शेयरों में तेजी का रुझान रहा।
क्षेत्रवार सूचकांकों में रियल्टी खंड में सर्वाधिक 1.49 प्रतिशत की तेजी रही जबकि वित्तीय सेवा खंड में 0.92 प्रतिशत और बैंकिंग खंड में 0.83 प्रतिशत की बढ़त रही। हालांकि प्रौद्योगिकी खंड में 0.51 प्रतिशत और आईटी खंड में 0.44 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।
बीएसई लार्जकैप सूचकांक में 0.15 प्रतिशत की तेजी रही जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप में 0.50 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.11 प्रतिशत बढ़कर 90.75 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
एशिया के अन्य बाजारों में जापान का निक्की, हांगकांग का हैंगसेंग और दक्षिण कोरिया का कॉस्पी गिरावट के साथ बंद हुए।
यूरोपीय बाजार नकारात्मक रुख के साथ कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार बृहस्पतिवार को काफी हद तक गिरावट के साथ बंद हुए थे।
नायर ने कहा, ‘‘ कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और पश्चिम एशिया में तनाव से वैश्विक धारणा कमजोर हुई है। ब्याज दर को लेकर फेडरल रिजर्व के भावी रुख पर स्पष्टता की तलाश में निवेशक आगामी अमेरिकी गैर-कृषि रोजगार आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं।’’
शेयर बाजार आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बृहस्पतिवार को 1,136.47 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की शुद्ध बिक्री की थी।
पिछले कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 350.81 अंक बढ़कर 74,227.63 अंक के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ था। इसी तरह निफ्टी ने भी 80 अंक की बढ़त के साथ 22,514.65 अंक का नया शिखर छुआ था।
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 05, 2024 06:26 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

