देश की खबरें | झारखंड में नौकरियों में स्थानीय लोगों के लिए 100 प्रतिशत आरक्षण की मांग के साथ मार्च

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. झारखंड में सरकारी नौकरियों में स्थानीय लोगों के लिए 100 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर सैकड़ों युवाओं ने सोमवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास का घेराव करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें पहले ही रोक दिया।

रांची, 17 अप्रैल झारखंड में सरकारी नौकरियों में स्थानीय लोगों के लिए 100 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर सैकड़ों युवाओं ने सोमवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास का घेराव करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें पहले ही रोक दिया।

पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद प्रदर्शनकारी गलियों से होते हुए दूसरे रास्ते से मुख्यमंत्री के घर के पास सिद्धू-कान्हू पार्क के पास कांके रोड पर जमा हुए, जिससे यातायात जाम हो गया।

रांची के अनुमंडल अधिकारी (एसडीओ) दीपक कुमार दुबे ने कहा, “युवा सड़क पर इकट्ठा हो गए, जिससे जाम लग गया था। उनमें से लगभग 30-35 को हिरासत में लिया गया और अन्य को वहां से हटने के लिए कहा गया।”

झारखंड राज्य छात्र संघ (जेएसएसयू) के बैनर तले युवा मोराबादी मैदान में दोपहर में इकट्ठा हुए और ‘60-40 नीति’ के खिलाफ नारे लगाते हुए मुख्यमंत्री आवास की ओर लिए बढ़े। उन्होंने मांग की कि सरकार सभी नौकरियां स्थानीय लोगों के लिए आरक्षित करे।

अपनी मांग को लेकर दबाव बनाने के लिए संगठन ने 19 अप्रैल को राज्यव्यापी बंद का भी आह्वान किया। इससे पहले मंगलवार को संगठन के सदस्य विभिन्न जिला मुख्यालयों के पास मशाल जुलूस निकालेंगे।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार की भर्ती नीति शुरू करने की योजना है, जिसमें 60 प्रतिशत सीटें विभिन्न वंचित श्रेणियों के लिए आरक्षित होंगी जबकि 40 प्रतिशत सीटें सभी के लिए खुली रहेंगी।

पुलिस ने झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन के घर के पास मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों को यह कहते हुए रोक दिया कि मुख्यमंत्री आवास के 200 मीटर के भीतर ‘‘सीआरपीसी’’ की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू है।

रांची जिला प्रशासन ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास और सचिवालय के 200 मीटर के दायरे में जुलूस, रैलियों, प्रदर्शनों और घेराव पर रोक लगाने का आदेश जारी किया था।

प्रशासन ने हेमंत सोरेन के घर की ओर जाने वाले रास्तों पर अवरोधक भी लगा दिए।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें