विदेश की खबरें | कई ग्लुटेन-मुक्त खाद्य पदार्थों में कैलोरी-शर्करा की मात्रा अधिक होती है

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. क्लेम्सन (अमेरिका), 19 फरवरी (द कन्वरसेशन) अमेरिकी उपभोक्ता अक्सर ग्लुटेन-मुक्त उत्पादों के लिए अधिक भुगतान करते हैं, फिर भी ये उत्पाद आमतौर पर ग्लुटेन युक्त विकल्पों की तुलना में कम प्रोटीन और अधिक शर्करा एवं कैलोरी प्रदान करने वाले होते हैं।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

क्लेम्सन (अमेरिका), 19 फरवरी (द कन्वरसेशन) अमेरिकी उपभोक्ता अक्सर ग्लुटेन-मुक्त उत्पादों के लिए अधिक भुगतान करते हैं, फिर भी ये उत्पाद आमतौर पर ग्लुटेन युक्त विकल्पों की तुलना में कम प्रोटीन और अधिक शर्करा एवं कैलोरी प्रदान करने वाले होते हैं।

‘प्लांट फूड फॉर ह्यूमन न्यूट्रिशन’ नामक पत्रिका में प्रकाशित मेरे नए अध्ययन का यह मुख्य निष्कर्ष है। इस अध्ययन में ग्लुटेन-मुक्त उत्पादों की तुलना उनके ग्लुटेन युक्त समकक्षों से की गई और निष्कर्षों से पता चला कि ग्लुटेन-मुक्त उत्पादों के कई कथित लाभ (जैसे कि वजन नियंत्रण और मधुमेह प्रबंधन) अतिरंजित हैं।

वर्तमान में कई ग्लुटेन-मुक्त उत्पादों में फाइबर, प्रोटीन और आवश्यक पोषक तत्वों की कमी होती है। उत्पादक अक्सर इस कमी के लिए पूरक आहार इसमें मिलाते हैं, लेकिन प्रसंस्करण के दौरान फाइबर को शामिल करने से प्रोटीन पाचन में बाधा आ सकती है।

इसके अलावा, ग्लुटेन-मुक्त उत्पादों में आमतौर पर ग्लुटेन युक्त अन्य उत्पादों की तुलना में अधिक शर्करा पाई जाती है। ग्लुटेन-मुक्त आहार के लंबे समय तक सेवन का संबंध ‘बॉडी मास इंडेक्स’ (बीएमआई) में वृद्धि और पोषण संबंधी कमियों से है।

ग्लुटेन-मुक्त उत्पाद को अमेरिका में ऐसे उत्पाद के रूप में परिभाषित किया जाता है जिनमें ग्लुटेन प्रति 10 लाख में 20 भाग से कम या उसके बराबर होता है। लेकिन ग्लुटेन-मुक्त उत्पाद में बड़े पैमाने पर गेहूं, राई, जौ और कभी-कभी जई की कमी होती है, जबकि ये सभी ‘रबीनॉक्सिलन’ के समृद्ध स्रोत हैं जो एक महत्वपूर्ण स्टार्च रहित पॉलीसेकेराइड है।

अरबीनॉक्सिलन कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है, जिसमें लाभकारी आंत बैक्टीरिया को बढ़ावा देना, पाचन को बढ़ाना, रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करना और संतुलित आंत माइक्रोबायोटा का समर्थन करना शामिल है।

हमारे अध्ययन से पता चला कि ऐसा ग्लूटेन-मुक्त उत्पाद खोजना मुश्किल है जो सभी पोषण क्षेत्रों में उत्कृष्ट हो, जैसे कि कम कार्बोहाइड्रेट और कम चीनी के साथ उच्च प्रोटीन और अधिक फाइबर सामग्री से युक्त हो।

दूसरी ओर ग्लुटेन-मुक्त बीज वाली ब्रेड में अपने ग्लुटेन युक्त समकक्षों की तुलना में काफी अधिक फाइबर (प्रति 100 ग्राम में 38.24 ग्राम) होता है।

यह संभवतः निर्माताओं द्वारा छद्म अनाज जैसे कि ऐमारैंथ और क्विनोआ हाइड्रोकोलॉइड्स का उपयोग करके फाइबर की कमी को दूर करने के प्रयासों के कारण है।

क्विनोआ हाइड्रोकोलॉइड्स का अर्थ है क्विनोआ आटे से बने ग्लुटेन-मुक्त बेक्ड माल में उपयोग किए जाने वाले पानी में घुलनशील मैक्रोमोलेक्यूल।

हालाँकि, ये सुधार निर्माता और क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग होते हैं। उदाहरण के लिए स्पेन में ग्लुटेन-मुक्त उत्पादों में ग्लुटेन युक्त उत्पादों की तुलना में फाइबर की मात्रा कम होती है।

यह मायने क्यों रखता है

‘ग्लुटेन-मुक्त आहार’ शब्द ‘ऑर्गेनिक’ की तरह ही एक प्रचलित शब्द बन गया है और अब यह कई लोगों के लिए रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गया है, वह भी अक्सर इसके वास्तविक लाभों की पूरी समझ के बिना।

जबकि ग्लुटेन-मुक्त आहार उन लोगों के लिए एक चिकित्सा आवश्यकता है जो ग्लुटेन के प्रति संवेदनशील है, जिसे सीलिएक रोग कहा जाता है, या जिन्हें गेहूं से एलर्जी है, अन्य लोग कथित स्वास्थ्य लाभों के कारण या क्योंकि यह एक चलन है, ग्लुटेन-मुक्त आहार अपनाते हैं।

वर्ष 2024 में ग्लुटेन-मुक्त उत्पाद का वैश्विक बाजार मूल्य 7.28 अरब अमेरिकी डॉलर था और इसके 2032 तक 13.81 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। इसमें अमेरिकी बाजार की हिस्सेदारी 5.9 अरब अमेरिकी डॉलर रहने का अनुमान है जो वैश्विक आंकड़े के आधे से थोड़ा ही कम है।

अमेरिका की लगभग 25 प्रतिशत आबादी ग्लुटेन-मुक्त उत्पादों का सेवन करती है। यह आंकड़ा गैर-सीलिएक गेहूं संवेदनशीलता वाले लगभग छह प्रतिशत लोगों, सीलिएक रोग वाले एक प्रतिशत लोगों और इससे भी कम प्रतिशत में मौजूद गेहूं से एलर्जी वाले लोगों के प्रतिशत से कहीं अधिक है।

इससे पता चलता है कि कई लोग चिकित्सकीय आवश्यकता के अलावा अन्य कारणों से ग्लुटेन-मुक्त आहार अपनाते हैं, जो स्वास्थ्य या वित्तीय लाभ प्रदान नहीं कर सकता है।

आगे का रास्ता

स्थानीय रूप से उपलब्ध सामग्री का उपयोग करके अधिक पोषण संबंधी संतुलित ग्लुटेन-मुक्त उत्पाद बनाने के लिए अनुसंधान और विकास में निवेश आवश्यक है। इसके लिए ग्लुटेन-मुक्त उत्पादों के विभिन्न फॉर्मूलेशन के साथ मानव आहार के परीक्षणों की आवश्यकता होगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ये उत्पाद प्रतिकूल प्रभावों के बिना पोषण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करते हैं।

सरकारों के बीच सहयोग सब्सिडी को सुनिश्चित करने में मदद कर सकता है, जिससे उत्पादन लागत कम हो जाएगी और ये उत्पाद अधिक किफायती हो जाएंगे। हालांकि, ग्लुटेन-मुक्त उत्पादन लाइन को बरकरार रखने और अनुसंधान की प्रारंभिक लागत अधिक है, लेकिन स्थानीय सामग्री और वित्तीय प्रोत्साहन का उपयोग करके इन उत्पादों को उनके ग्लुटेन-युक्त समकक्षों की तुलना में अधिक लागत-प्रतिस्पर्धी बनाया जा सकता है।

लोगों को ग्लुटेन-मुक्त आहार से जुड़े फायदे और नुकसान के बारे में जानकारी देने के लिए सार्वजनिक शिक्षा भी महत्वपूर्ण है।

(द कन्वरसेशन)

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