जरुरी जानकारी | जम्मू-कश्मीर का विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र आत्मनिर्भर केंद्र शासित प्रदेश को बढ़ावा देगा: सिन्हा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को इस क्षेत्र में एक निजी कंपनी की विनिर्माण इकाई का उद्घाटन किया और कहा कि विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र ‘‘आत्मनिर्भर केंद्र शासित प्रदेश’’ के मिशन को गति देने की ओर बढ़ रहा है।
जम्मू, 14 अप्रैल जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को इस क्षेत्र में एक निजी कंपनी की विनिर्माण इकाई का उद्घाटन किया और कहा कि विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र ‘‘आत्मनिर्भर केंद्र शासित प्रदेश’’ के मिशन को गति देने की ओर बढ़ रहा है।
उपराज्यपाल ने कहा कि प्रगतिशील औद्योगिक नीति और पिछले कुछ वर्षों में कई प्रमुख हस्तक्षेपों ने जम्मू-कश्मीर के प्रति निवेशकों का विश्वास मजबूत किया है।
कठुआ जिले में सुपीरियर पॉलिमर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की विनिर्माण इकाई का वर्चुअल तरीके से उद्घाटन करने के बाद सिन्हा ने कहा, ‘‘केंद्र शासित प्रदेश का विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र बढ़ रहा है, और औद्योगिक विकास के लिए समर्पित आज की परियोजना, आत्मनिर्भर जम्मू-कश्मीर के मिशन को गति देगी।’’
उन्होंने कहा कि इस नई परियोजना की शुरुआत एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन पर सकारात्मक प्रभाव डालने और क्षेत्र के औद्योगिक विकास को बढ़ाने में मदद करेगी।
उपराज्यपाल ने दोहराया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में प्रशासन जम्मू-कश्मीर में औद्योगिक क्षेत्र की उन्नति के लिए प्रतिबद्ध है।
उपराज्यपाल ने कहा, ‘‘हमने औद्योगिक नौकरियों के लिए तैयार कार्यबल सुनिश्चित किया है। हमने कुशल कार्यबल को व्यापक बनाने के लिए समाज के हाशिए पर पड़े वर्गों को सशक्त बनाया है। औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के बाद हमारे हथकरघा और हस्तशिल्प निर्यात में उछाल आया है।’’
उन्होंने कहा कि प्रगतिशील औद्योगिक नीति और पिछले कुछ वर्षों में कई प्रमुख हस्तक्षेपों ने जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश में निवेशकों का विश्वास मजबूत किया है और निजी निवेश को आकर्षित किया है।
उपराज्यपाल ने कहा, ‘‘हम उद्योगों के विकास के लिए अनुकूल माहौल बनाने में सफल रहे हैं, जिससे समग्र विकास संभव हुआ है। हमारे प्रयास अब सकारात्मक लाभांश दे रहे हैं, कई औद्योगिक इकाइयों ने अपना परिचालन शुरू कर दिया है और कई और निवेश प्रस्ताव पाइपलाइन में हैं।’’
लगभग 75 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित यह इकाई बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा करेगी।
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