देश की खबरें | मान ने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड के जरिये अतिरिक्त पानी को लेकर हरियाणा की मांग ठुकराई

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हरियाणा की अधिक पानी की मांग को खारिज करते हुए मंगलवार को कहा कि पड़ोसी राज्य पहले ही अपने हिस्से का 103 प्रतिशत पानी इस्तेमाल कर चुका है।

चंडीगढ़, 29 अप्रैल पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हरियाणा की अधिक पानी की मांग को खारिज करते हुए मंगलवार को कहा कि पड़ोसी राज्य पहले ही अपने हिस्से का 103 प्रतिशत पानी इस्तेमाल कर चुका है।

मान ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर हरियाणा की मांग पूरी करने के लिए भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) के माध्यम से पंजाब सरकार पर दबाव बनाने का आरोप लगाया।

उन्होंने केंद्र से कहा कि अब सिंधु जल संधि निलंबित हो जाने पर वह पाकिस्तान की ओर जाने वाले पानी की दिशा बदलकर पंजाब के जलाशयों को भरे।

बीबीएमबी द्वारा प्रबंधित भाखड़ा और पोंग बांधों से पंजाब, हरियाणा और राजस्थान की जल आवश्यकताएं पूरा होती हैं। बीबीएमबी हर साल 21 मई को तीनों राज्यों को जल आपूर्ति का वार्षिक कोटा तय करता है।

मान ने कहा कि हरियाणा ने मार्च में अपने हिस्से का पानी इस्तेमाल कर लिया और अब अप्रैल एवं मई के लिए अतिरिक्त पानी की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब को धान की बुआई के आगामी मौसम के लिए पानी की जरूरत है और उसके पास एक भी बूंद अतिरिक्त पानी नहीं है।

मान ने कहा, ‘‘हमने उनसे कहा कि उन्हें अपने हिस्से का पानी विवेकपूर्ण तरीके से इस्तेमाल करना चाहिए। हम और पानी कहां दे सकते हैं? हमारे यहां धान की बुआई का मौसम आने वाला है। किसानों की ओर से नहर के पानी की मांग पहले से ही है।’’

मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा, ‘‘बीबीएमबी के माध्यम से भाजपा हम पर हरियाणा को अधिक पानी देने के लिए दबाव बना रही है। मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि हमारे पास एक बूंद भी अतिरिक्त पानी नहीं है। हम अपने हिस्से का उपयोग अपने उद्देश्यों के लिए कर रहे हैं। हरियाणा को उसका हिस्सा दिया गया, जिसका उसने दो महीने पहले ही उपयोग कर लिया।’’

मान ने कहा कि बीबीएमबी ने हरियाणा को 21 मई 2025 तक उपयोग के लिए 2.987 एमएएफ (मिलियन एकड़ फुट) पानी आवंटित किया है और राज्य ने पहले ही इसका 103 प्रतिशत उपयोग कर लिया है। पंजाब को 5.512 एमएएफ आवंटित किया गया था, लेकिन उसने अभी तक केवल 89 प्रतिशत का ही उपयोग किया है।

उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, हम मानवीय आधार पर पीने के लिए अभी भी 4,000 क्यूसेक पानी दे रहे हैं।’’

पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि के निलंबन का जिक्र करते हुए मान ने कहा कि भाजपा दावा कर रही है कि वह पाकिस्तान को पानी नहीं जाने देगी। उन्होंने कहा, ‘‘तो आप वह पानी हमें दे दीजिए, हमारे बांध भर दीजिए और हम उसे हरियाणा को दे देंगे।’’

केंद्र ने 23 अप्रैल को घोषणा की कि 1960 की सिंधु जल संधि तत्काल प्रभाव से स्थगित रहेगी, जब तक कि पाकिस्तान सीमापार आतंकवाद को अपना समर्थन विश्वसनीय रूप से बंद नहीं कर देता। यह कदम जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादी हमले में 26 लोगों की मौत के एक दिन बाद उठाया गया।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\