देश की खबरें | ‘मन की बात’ एक आध्यात्मिक यात्रा, इसने लोगों से जुड़ाव बनाए रखना सुनिश्चित किया: प्रधानमंत्री मोदी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को आकाशवाणी पर प्रसारित अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ को भारतीयों की भावनाओं की अभिव्यक्ति और ‘आध्यात्मिक यात्रा’ का विषय करार दिया जिसने वर्ष 2014 में उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद महसूस किए गए 'खालीपन' को भर दिया और यह सुनिश्चित किया कि वह कभी भी लोगों से कटे नहीं रहें।

नयी दिल्ली, 30 अप्रैल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को आकाशवाणी पर प्रसारित अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ को भारतीयों की भावनाओं की अभिव्यक्ति और ‘आध्यात्मिक यात्रा’ का विषय करार दिया जिसने वर्ष 2014 में उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद महसूस किए गए 'खालीपन' को भर दिया और यह सुनिश्चित किया कि वह कभी भी लोगों से कटे नहीं रहें।

‘मन की बात’ की 100वीं कड़ी प्रधानमंत्री के लिए पुरानी स्मृतियों में खो जाने के अवसर के रूप में आया और उन्हें याद करते हुए वह भावुक भी हुए। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनके लिए यह महज एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि विश्वास और ‘आध्यात्मिक यात्रा’ का विषय है।

अपने विचार साझा करते हुए मोदी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद परिस्थितिजन्य विवशता के कारण उनके पास जनता से कट जाने की चुनौती थी, लेकिन ‘मन की बात’ ने इसका समाधान दिया और सामान्य लोगों से जुड़ने का रास्ता दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘मन की बात कोटि-कोटि भारतीयों के ‘मन की बात’ है। यह उनकी भावनाओं का प्रकटीकरण है। ‘मन की बात’ देशवासियों की अच्छाइयों और उनकी सकारात्मकता का एक अनोखा पर्व बन गया है।’’

मोदी ने कहा कि यह एक ऐसा पर्व है, जो हर महीने आता है और जिसका सभी इंतजार करते हैं तथा उन्हें यकीन नहीं होता है कि वे इस कार्यक्रम के 100वें पड़ाव पर पहुंच गए हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘हम इसमें सकारात्मकता और लोगों की भागीदारी का जश्न मनाते हैं। ‘मन की बात’ जिस विषय से जुड़ा वह जन आंदोलन बन गया और लोगों ने इसे जन आंदोलन बना दिया।’’

इस क्रम में प्रधानमंत्री ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’, स्वच्छ भारत अभियान, आजादी का अमृत महोत्सव, खादी को लोकप्रिय बनाने और प्रकृति से जुड़े कार्यक्रमों का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम की हर कड़ी अपने आप में ‘खास’ रही और हर बार इसमें नए उदाहरणों की नवीनता देखने को मिली और हर बार देशवासियों की नई सफलताओं का इसमें विस्तार हुआ।

उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ में पूरे देश के कोने-कोने से हर उम्र-वर्ग के लोग जुड़े।

उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम उनके लिए दूसरों के गुणों की पूजा करने की तरह रहा है। मोदी ने कहा कि जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब वहां आम जन से मिलना-जुलना स्वाभाविक रूप से हो ही जाता था, लेकिन जब वह प्रधानमंत्री बने, तो वह जीवन अलग था, क्योंकि काम का स्वरूप अलग था, दायित्व अलग थे और साथ ही परिस्थितियों का बंधन व सुरक्षा का तामझाम भी था।

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे में मैं खाली-खाली सा महसूस करता था। 50 साल पहले मैंने अपना घर इसलिए नहीं छोड़ा था कि एक दिन अपने ही देश के लोगों से संपर्क भी मुश्किल हो जाएगा। जो देशवासी मेरा सब कुछ हैं, मैं उनसे ही कटकर जी नहीं सकता था। ‘मन की बात’ ने मुझे इस चुनौती का समाधान दिया। आम लोगों से जुड़ने का रास्ता दिया। इस कार्यक्रम ने मुझे कभी भी आपसे दूर नहीं होने दिया।’’

मोदी ने कहा, “मन की बात ने मुझे लोगों से जुड़ने का जरिया मुहैया कराया। मेरे लिए ‘मन की बात’ एक कार्यक्रम नहीं है, मेरे लिए एक आस्था, पूजा, व्रत है। जैसे लोग, ईश्वर की पूजा करने जाते हैं तो प्रसाद की थाल लाते हैं। मेरे लिए ‘मन की बात’ ईश्वर रूपी जनता जनार्दन के चरणों में प्रसाद की थाल की तरह है। ‘मन की बात’ मेरे मन की आध्यात्मिक यात्रा बन गया है।’’

प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ को ‘स्व से समिष्टि’ और ‘अहम् से वयम्’ की यात्रा बताया और कहा कि यह उनके लिए ‘संस्कार साधना’ है।

पुरानी यादों को ताजा करते हुए प्रधानमंत्री भावुक भी हुए और कहा कि इस कार्यक्रम की रिकॉडिंग के दौरान वे जब देशवासियों की कहानियां लोगों को सुनाते तो इस दौरान कई ऐसे अवसर भी आए जब वह इतने भावुक हो गए कि इस कार्यक्रम को फिर से रिकॉर्ड करना पड़ा।

उन्होंने कहा, ‘‘देशवासी 40-40 साल से निर्जन पहाड़ी और बंजर जमीन पर पेड़ लगा रहे हैं, कितने ही लोग 30-30 साल से जल-संरक्षण के लिए बावड़ियां और तालाब बना रहे हैं, उसकी साफ़-सफाई कर रहे हैं। कोई 25-30 साल से निर्धन बच्चों को पढ़ा रहा है, कोई गरीबों के इलाज में मदद कर रहा है। कितनी ही बार ‘मन की बात’ में इनका जिक्र करते हुए मैं भावुक हो गया। आकाशवाणी के साथियों को कितनी ही बार इसे फिर से रिकॉर्ड करना पड़ा है।’’

उन्होंने कहा कि देशवासियों के इन प्रयासों ने उन्हें लगातार खुद को खपाने की प्रेरणा दी है। इस दौरान प्रधानमंत्री ने हरियाणा के भाई सुनील जगलान से बात की और ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि जीवन में बेटी का स्थान कितना बड़ा होता है, इस अभियान से यह भी प्रकट हुआ।

उन्होंने कहा, ‘‘मन की बात’ में हमने ऐसे कितने ही लोगों के प्रयासों को रेखांकित किया है जो नि:स्वार्थ भाव से काम कर रहे हैं।’’

प्रधानमंत्री ने इस कार्यक्रम की रिकॉर्डिंग के लिए आकाशवाणी के कर्मचारियों, विभिन्न ओं में इसका अनुवाद करने वाले अनुवादकों और अन्य हितधारकों के प्रति आभार जताया।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

New Zealand Women vs South Africa Women 4th T20I Match Live Streaming In India: न्यूजीलैंड महिला बनाम दक्षिण अफ्रीका महिला के बीच कल खेला जाएगा चौथा टी20 मुकाबला, यहां जानें भारत में कब, कहां और कैसे देखें लाइव मैच

New Zealand vs South Africa T20I Stats: टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में एक दूसरे के खिलाफ कुछ ऐसा रहा हैं न्यूजीलैंड बनाम दक्षिण अफ्रीका का प्रदर्शन, यहां देखें दोनों टीमों के आंकड़े

West Indies Women vs Australia Women, 2nd T20I Match T20I Match Preview: कल वेस्टइंडीज महिला बनाम ऑस्ट्रेलिया महिला के बीच खेला जाएगा अहम मुकाबला, मैच से पहले जानिए हेड टू हेड रिकॉर्ड्स, पिच रिपोर्ट समेत सभी डिटेल्स

New Zealand Women vs South Africa Women T20I Stats: टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में एक दूसरे के खिलाफ कुछ ऐसा रहा हैं न्यूजीलैंड बनाम दक्षिण अफ्रीका का प्रदर्शन, यहां देखें दोनों टीमों के आंकड़े

\