देश की खबरें | मणिपुर विधानसभा अध्यक्ष के अधिकरण ने दल-बदल विरोधी मामले में एनपीपी विधायकों से जवाब मांगा

इंफाल, सात फरवरी मणिपुर विधानसभा अध्यक्ष के अधिकरण ने नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के चार विधायकों को नोटिस जारी कर दलबदल विरोधी मामले में दायर याचिका में लगाए गए आरोपों का जवाब देने को कहा है। विधानसभा के एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

कांग्रेस की मणिपुर इकाई के उपाध्यक्ष हरेश्वर गोस्वामी ने चार विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने की मांग की थी, क्योंकि उन्होंने पिछले साल नवंबर में मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह द्वारा बुलाई गई भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायकों की बैठक में भाग लिया था।

बैठक के कुछ दिन बाद ही एनपीपी ने राज्य सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया था।

एनपीपी के विधायकों एम. रामेश्वर सिंह, जे. पामेई, इरेंगबाम नलिनी देवी और थोंगम शांति सिंह को नोटिस भेजे गए।

अधिकारी ने बताया कि उन्हें 11 फरवरी तक या उससे पहले अध्यक्ष के कार्यालय में अपना जवाब देने को कहा गया है।

अध्यक्ष का अधिकरण 12 फरवरी को सुबह साढ़े नौ बजे मामले की सुनवाई करेगा।

नोटिस के अनुसार विधायकों को अधिकरण के समक्ष ‘‘व्यक्तिगत रूप से या विधायक द्वारा विधिवत अधिकृत वकील के माध्यम से’’ उस समय उपस्थित होने को कहा गया है।

मणिपुर की 60 सदस्यीय विधानसभा में एनपीपी के सात विधायक हैं। जनता दल (यूनाइटेड) के पांच विधायकों का दलबदल विरोधी मामला भी फिलहाल विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष लंबित है। ये विधायक 2022 में राज्य विधानसभा चुनाव जीतने के तुरंत बाद भाजपा में शामिल हो गए थे।

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