जरुरी जानकारी | मंडाविया ने उद्योगों से कहा, महत्वपूर्ण उत्पादों के विनिर्माण में आत्म-निर्भर बनें
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नयी दिल्ली, 10 जुलाई केंद्रीय पोत परिवहन मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा है कि घरेलू कंपनियों को महत्वपूर्ण उत्पादों मसलन बंदरगाहों पर माल चढ़ाने-उतारने के लिए क्रेन आदि का विनिर्माण बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए।
इसके साथ ही उन्होंने एक्टिव फार्मास्युटिकल्स इंग्रिडिएंट (एपीआई) का भी देश में उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे न केवल हमारी आयात पर निर्भरता कम होगी, बल्कि हम सरकार के आत्म-निर्भर भारत के अभियान को भी आगे बढ़ा सकेंगे।
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पोत परिवहन, रसायन एवं उर्वरक राज्यमंत्री मंडाविया ने शुकव्रार को भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा वर्चुअल बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही। इस बैठक में उत्तरी क्षेत्र के चुनिंदा मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) ने भी हिस्सा लिया।
उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री के ‘आत्म-निर्भर भारत अभियान’ को आगे बढ़ाने के लिए हमने बंदरगाहों पर माल चढ़ाने-उतारने के लिए ‘मेड इन इंडिया’ क्रेनों की खरीद करने का फैसला किया है। अभी भारत सालाना 1,000 करोड़ रुपये की क्रेनों का आयात करता है। भारतीय उद्योग को इस क्षेत्र में आगे आना चाहिए। वे संयुक्त उद्यम में इनका विनिर्माण कर सकते हैं। इससे न केवल रोजगार मिलेगा, बल्कि हम आत्म-निर्भर भी बन सकेंगे।’’
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इसी के साथ उन्होंने उद्योग की कंपनियों और सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उपक्रम (एमएसएमई) क्षेत्र को फार्मास्युटिकल क्षेत्र के लिए एपीआई के लघु अवधि के उत्पादन की योजना लाने को कहा।
उन्होंने कहा, ‘‘आप हमें एपीआई के लघु अवधि के उत्पादन की योजना भेजें।’’
उन्होंने कहा कि भारत ने घरेलू आपूर्ति सुनिश्चित करते हुए 120 से अधिक देशों को हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन और पैरासिटामोल की आपूर्ति की है।
मंडाविया ने कहा, ‘‘आत्म-निर्भर भारत, विदेश नीति और कोरोना कूटनीति के तहत भारत सरकार ने दुनिया के देशों को जीवन रक्षक दवाओं और उपकरणों की आपूर्ति की है। इससे दुनियाभर में भारत की छवि अच्छी हुई है। इससे निश्चित रूप से दीर्घावधि में भारतीय अर्थव्यवस्था को फायदा होगा और आगे भारतीयों और भारतीय उद्योग को लाभ मिलेगा।’’
मंत्री ने कहा कि यदि हमें आर्थिक ताकत बनना है, तो आज आत्म-निर्भर भारत समय की जरूरत है।
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