ताजा खबरें | सोशल मीडिया मंचों पर दी गई विषय-वस्तु के लिए उन्हें उत्तरदायी बनाया जाए: संसदीय समिति
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. संसद की एक समिति ने सोशल मीडिया मंचों के लिए कोई आचार संहिता नहीं होने पर चिंता प्रकट करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि इन पर उपलब्ध विषय-वस्तु या सामाग्रियों के लिए इनको उत्तरदायी ठहराया जाना चाहिए।
नयी दिल्ली, 16 दिसंबर संसद की एक समिति ने सोशल मीडिया मंचों के लिए कोई आचार संहिता नहीं होने पर चिंता प्रकट करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि इन पर उपलब्ध विषय-वस्तु या सामाग्रियों के लिए इनको उत्तरदायी ठहराया जाना चाहिए।
‘वैक्तिक डाटा संरक्षण विधेयक, 2019’ संबंधी संसद की संयुक्त समित ने अपनी रिपोर्ट में यह अनुशंसा भी की है कि सोशल मीडिया मंचों के संदर्भ में एक प्रभावी तंत्र भी बनना चाहिए।
भाजपा सांसद पीपी चौधरी की अध्यक्षता वाली इस समिति ने सोशल मीडिया मंचों के लिए आचार संहिता नहीं होने और स्व विनिमयन की व्यवस्था नहीं होने को लेकर भी चिंता प्रकट की।
उसने कहा, ‘‘समिति के लिए सबसे अधिक चिंता का विषय यह था कि सूचना प्रौद्योगिकी कानून में सोशल मीडिया मंचों को मध्यस्थ कहा गया है। समिति का मत है कि इन मंचों पर दी गई विषय-वस्तु के लिए उन्हें उत्तरदायी बनाना चाहिए। इस उद्देश्य के लिए उन्हें उपयोगकताओं को स्वयं की पहचान बताने के लिए कहना चाहिए तथा स्वैच्छिक सत्यापन को अनिवार्य बनाना चाहिए।’’
संयुक्त समिति ने यह भी कहा, ‘‘एक ऐसा तंत्र बनाया जा सकता है कि जिसमें इन मंचों पर उपलब्ध सामाग्री के लिए इनको ही उत्तरदायित्व ठहराया जाए।’’
समिति ने जोर देकर यह भी कहा कि इस विधेयक में ‘डाटा भंग’ शब्द को परिभाषित किया जाना चाहिए।
उसने डेटा और निजता के संरक्षण पर जोर दिया और कहा कि डेटा राष्ट्रीय महत्व की एक परिसंपत्ति है।
उसने यह भी कहा, ‘‘दुनिया के 194 देशों में से 132 ने व्यक्तिगत डाटा और व्यक्तिगत सुरक्षा को सुरक्षित करने के लिए विनियम और कानून लागू किए हैं।’’
हक
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