देश की खबरें | महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम के कर्मचारियों की हड़ताल जारी, मंत्री ने यूनियन से बात की

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. घाटे में चल रहे महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) के राज्य सरकार में विलय की मांग को लेकर कर्मचारियों द्वारा जारी हड़ताल के कारण बुधवार को एमएसआरटीसी के सभी 250 डिपो पर बसों का संचालन बंद रहा। हड़ताल के 14वें दिन में प्रवेश करने के बीच राज्य के परिवहन मंत्री अनिल परब ने कर्मचारियों से अपनी हड़ताल वापस लेने की अपील की।

मुंबई, 10 नवंबर घाटे में चल रहे महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) के राज्य सरकार में विलय की मांग को लेकर कर्मचारियों द्वारा जारी हड़ताल के कारण बुधवार को एमएसआरटीसी के सभी 250 डिपो पर बसों का संचालन बंद रहा। हड़ताल के 14वें दिन में प्रवेश करने के बीच राज्य के परिवहन मंत्री अनिल परब ने कर्मचारियों से अपनी हड़ताल वापस लेने की अपील की।

एक आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, एमएसआरटीसी के अध्यक्ष परब ने यहां राज्य सरकार के 'सह्याद्री गेस्ट हाउस' में महाराष्ट्र एसटी कर्मचारी संयुक्त कार्रवाई समिति के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के दौरान हड़ताल खत्म करने की अपील की।

विज्ञप्ति में परब के हवाले से कहा गया है, ''हड़ताल के कारण निगम को नुकसान उठाना पड़ रहा है। हड़ताल को वापस लिया जाए। अभी भी बहुत देर नहीं हुई है।''

उधर, एमएसआरटीसी ने ‘‘गैरकानूनी’’ हड़ताल में प्रदेशभर से शामिल हुए 542 और कर्मचारियों को बुधवार को निलंबित कर दिया। एक अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को 376 कर्मचारियों को निलंबित किया गया था और इसी के साथ ही अभी तक निलंबित किए गए कर्मियों की संख्या बढ़कर 918 हो गयी है। बुधवार को जिन 542 कर्मचारियों को निलंबित किया गया वे 63 बस डिपो के कर्मचारी हैं।

निगम ने बुधवार को कुछ हड़ताली कर्मचारियों और उनके यूनियन के खिलाफ बॉम्बे उच्च न्यायालय में एक अवमानना याचिका दायर की। अदालत ने यूनियन नेताओं और कर्मचारियों को शुक्रवार तक अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया तथा विषय की अगली सुनवाई 15 नवंबर के लिए निर्धारित कर दी।

निगम ने दावा किया है कि यूनियन ने उच्च न्यायालय के उस शुरुआती आदेश का उल्लंघन किया है जिसके जरिये उनसे हड़ताल जारी रखने से रोका गया था और इस तरह उन्होंने अदालत की अवमानना की है।

राज्य भर से आए एमएसआरटीसी के सैकड़ों कर्मचारी दोपहर में मुंबई में जमा हुए और अपनी मांग को लेकर आजाद मैदान में एक रैली की।

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने यह कहते हुए एमएसआरटीसी कर्मचारियों से हड़ताल खत्म करने की अपील की कि इसका सबसे ज्यादा असर गरीबों पर पड़ता है। उन्होंने हड़ताल कर रहे कर्मचारियों से समस्याओं के समाधान के लिए सरकार के प्रयास में सहयोग करने की भी अपील की है।

ठाकरे ने एमएसआरटीसी के कर्मचारियों को राजनीतिक लाभ के लिए "उकसाने" को लेकर विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा और कहा कि यह राजनीति करने का समय नहीं है।

एमएसआरटीसी के एक अधिकारी ने कहा, "आज राज्य भर में सभी 250 डिपो बंद हैं। कल, कम से कम तीन डिपो चालू थे, लेकिन आज वे भी बंद हैं।"

एमएसआरटीसी के कर्मचारी, घाटे में चल रहे निगम के राज्य सरकार में विलय की मांग को लेकर 28 अक्टूबर से हड़ताल पर हैं।

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