देश की खबरें | महाराष्ट्र फार्मासिस्ट हत्या: आरोपी पशु चिकित्सक ने जमानत मांगी, कहा- तबलीगी जमात का सदस्य नहीं

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पैगंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से निलंबित नेता नुपुर शर्मा के समर्थन में किए गए सोशल मीडिया पोस्ट को साझा करने वाले अमरावती के फार्मासिस्ट उमेश कोल्हे की 2022 में हुई हत्या के मामले में आरोपी यूसुफ खान ने सोमवार को विशेष राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) अदालत में जमानत याचिका दायर की।

मुंबई, 13 फरवरी पैगंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से निलंबित नेता नुपुर शर्मा के समर्थन में किए गए सोशल मीडिया पोस्ट को साझा करने वाले अमरावती के फार्मासिस्ट उमेश कोल्हे की 2022 में हुई हत्या के मामले में आरोपी यूसुफ खान ने सोमवार को विशेष राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) अदालत में जमानत याचिका दायर की।

पुलिस के अनुसार, यहां से करीब 650 किलोमीटर दूर अमरावती शहर में पिछले साल 21 जून को एक समूह ने कोल्हे की हत्या कर दी थी जो कथित तौर पर पैगंबर के ‘‘अपमान’’ का बदला लेना चाहता था।

मामले की शुरुआती जांच स्थानीय पुलिस ने की थी। इसके बाद पिछले साल दो जुलाई को एनआईए ने मामला अपने हाथ में ले लिया था, जिसने 11 आरोपियों के खिलाफ आरेापपत्र दायर किया है।

खान एक पशु चिकित्सक है। उसने अपनी याचिका में दावा किया कि वह ‘‘तबलीगी जमात’’ का सदस्य नहीं है जैसा कि एनआईए ने दावा किया है और उसे सह-आरोपी के रूप में गलत फंसाया गया है, जबकि उसके खिलाफ कोल्हे को मारने की साजिश रचने में शामिल होने का कोई सबूत नहीं है।

खान पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और सख्त गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के प्रावधानों के तहत हत्या, आपराधिक साजिश का हिस्सा होने और सबूतों को गायब करने का मामला दर्ज किया गया है।

एनआईए के अनुसार, कोल्हे की हत्या ‘‘तबलीगी जमात के कट्टरपंथी इस्लामी लोगों’’ ने की थी।

वकील शहजाद नकवी के माध्यम से दायर अपनी जमानत याचिका में आरोपी खान ने कहा कि वह ‘‘सूफी शिक्षाओं’’ पर आधारित ‘‘बरेलवी विचारधारा’’ को मानने वाला एक कट्टर सुन्नी मुसलमान है और ‘‘तबलीगी जमात’’ का सदस्य नहीं है जैसा कि अभियोजन पक्ष ने दावा किया है।

अपनी जमानत याचिका में खान ने कहा, ‘‘न तो अभियोजन पक्ष ने पूरे आरोपपत्र में उक्त आरोप को साबित करने वाला कोई दस्तावेज पेश किया है और न ही किसी गवाह ने वर्तमान आवेदक के खिलाफ ऐसा आरोप लगाया है।’’

एनआईए के अनुसार, खान ने एक व्हाट्सऐप ग्रुप पर निलंबित भाजपा नेता नुपुर शर्मा के समर्थन में साझा किए गए कोल्हे के संदेश को ‘फॉरवर्ड’ कर अन्य आरोपियों को उकसाया। इस व्हाट्सऐप ग्रुप में आरोपी भी एक सदस्य था।

एनआईए के इस मामले में 18 फरवरी को अपना जवाब दाखिल करने की संभावना है।

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