औरंगाबाद, 16 जुलाई महाराष्ट्र के जलगांव जिले में एक मस्जिद का प्रबंधन करने वाले ट्रस्ट ने एक शिकायत के बाद परिसर में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने संबंधी जिलाधिकारी के आदेश के खिलाफ बंबई उच्च न्यायालय की औरंगाबाद पीठ का रुख किया है।
शिकायत में दावा किया गया है कि ढांचा ‘‘मंदिर जैसा प्रतीत होता है।’’
ट्रस्ट के वकील एस एस काजी ने बताया कि याचिका पर 18 जुलाई को सुनवाई होगी।
जुम्मा मस्जिद ट्रस्ट कमेटी के अध्यक्ष अल्ताफ खान द्वारा दायर याचिका में दावा किया गया है कि जिलाधिकारी ने 11 जुलाई 2023 को ‘‘मनमाना और अवैध’’ आदेश पारित किया, जिसके तहत उन्हें मस्जिद की चाबियां एरंडोल नगरपालिका परिषद के मुख्य अधिकारी को सौंपने का निर्देश दिया गया।
यह आदेश दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 और 145 के तहत पारित किया गया था, जिसके अनुसार भूमि के विवाद पर अंतिम निर्णय होने तक यथास्थिति बनाए रखी जाएगी।
याचिका के अनुसार, मस्जिद दशकों से अस्तित्व में है और महाराष्ट्र सरकार ने मस्जिद की संरचना को एक प्राचीन और ऐतिहासिक स्मारक घोषित किया था तथा इसे संरक्षित स्मारकों की सूची में शामिल किया गया है।
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