देश की खबरें | महाराष्ट्र: सावरकर पर कर्नाटक के मंत्री की टिप्पणी को लेकर भाजपा विधायकों का प्रदर्शन

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नागपुर (महाराष्ट्र), आठ दिसंबर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसकी युवा शाखा ने कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खरगे की हिंदुत्व विचारक वी डी सावरकर के खिलाफ टिप्पणी की निंदा करते हुए शुक्रवार को मुंबई और नागपुर सहित महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में विरोध प्रदर्शन किया।

कांग्रेस नेता प्रियंक खरगे ने कहा था कि कर्नाटक विधानसभा के कक्ष से सावरकर की तस्वीर को हटाना उचित होगा और अगर अनुमति दी गई, तो वह इसे हटा देंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘वीर सावरकर को वीर की उपाधि किसने दी? इस पर कोई स्पष्टता नहीं है। अगर वे (भाजपा) जानते हैं, तो वे बताएं। सावरकर अंग्रेजों से पेंशन ले रहे थे या नहीं? उन्होंने पांच से छह बार (अंग्रेजों को) माफीनामा लिखा था या नहीं? उनके परिवार ने माफीनामा लिखा या नहीं।’’

महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों ने उनकी टिप्पणी की निंदा करते हुए नागपुर में राज्य विधानमंडल परिसर, विधान भवन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया, जहां वर्तमान में विधानमंडल का शीतकालीन सत्र चल रहा है।

भाजपा के कई विधायक राज्य विधानमंडल की सीढ़ियों पर एकत्र हुए। उन्होंने कर्नाटक के मंत्री की टिप्पणी की निंदा करते हुए नारे लगाए और इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी एवं शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे से प्रतिक्रिया देने के लिये कहा।

मुंबई में, भाजपा की युवा शाखा भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने मध्य मुंबई के दादर में खरगे के खिलाफ प्रदर्शन किया। पड़ोसी ठाणे में कलेक्टर कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया गया।

नासिक में, भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने सावरकर के खिलाफ खरगे की टिप्पणी की निंदा करने के लिए रेड क्रॉस सिग्नल क्षेत्र में एक प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली।

भाजयुमो की नासिक शहर इकाई के अध्यक्ष सागर शेलार ने विरोध प्रदर्शन के दौरान कहा, ‘‘हर कोई जानता है कि सावरकर के प्रति कांग्रेस की नफरत है। उद्धव ठाकरे और संजय राउत को कांग्रेस के बारे में अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए, जो सावरकर के खिलाफ लगातार विवादास्पद बयान देती है। सुविधा के अनुसार हिंदुत्व और सावरकर से नफरत करने वाली कांग्रेस के प्रति दोहरा मापदंड ही ठाकरे का सत्ता की लालसा का असली चेहरा है।’’

भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेताओं को सावरकर के खिलाफ आपत्तिजनक बयान देना बंद करने की चेतावनी दी और कहा कि ऐसे लोगों का समर्थन करने वाले सतर्क हो जाएं, नहीं तो उन्हें उनके गुस्से का सामना करना पड़ेगा।

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