महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने विपक्ष के नेताओं के साथ कोविड-19 पर की चर्चा
ठाकरे ने वीडियो कॉन्फ्रेंस में कहा कि केन्द्र सरकार राज्य के साथ सहयोग कर रही हैं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी हर चर्चा और निर्देश के लिए हमेशा उपलब्ध रहते हैं।
मुंबई, सात मई महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने प्रदेश में कोरोना वायरस की स्थिति पर विपक्ष के नेताओें के साथ बृहस्पतिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये चर्चा की।
ठाकरे ने वीडियो कॉन्फ्रेंस में कहा कि केन्द्र सरकार राज्य के साथ सहयोग कर रही हैं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी हर चर्चा और निर्देश के लिए हमेशा उपलब्ध रहते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘ मैं आपसे फोन पर बात कर रहा हूं और आपकी राय ले रहा हूं। आप जो मीडिया में कह रहे हैं वे भी मैं देख रहा हूं। अगर अच्छे सुझाव होते हैं तो मैं प्रशासन से उस पर गौर करने को भी कहता हूं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘केन्द्र सरकार भी सहयोग कर रही है। प्रधानमंत्री भी गंभीर मुद्दों पर राय देने के लिए हमेशा उपलब्ध रहते हैं।’’
मुख्यमंत्री के कार्यालय में एक अधिकारी ने बताया कि कुछ नेता यहां मंत्रालय (राज्य सचिवालय) में एकत्रित हुये जबकि मुख्यमंत्री ठाकरे समेत अन्य नेताओं ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये इस बैठक में भाग लिया ।
उप मुख्यमंत्री अजित पवार, राजस्व मंत्री बालासाहेब थोराट और पीडब्ल्यूडी मंत्री अशोक चह्वाण बैठक में सरकार की तरफ से हिस्सा ले रहे थे ।
विपक्ष की ओर से भाजपा के देवेंद्र फडणवीस तथा प्रवीण दारेकर, मनसे प्रमुख राज ठाकरे, वीबीए नेता प्रकाश आम्बेडकर, पीआरपी नेता जोगेंद्र कवाड़े सहित कई नेताओं ने हिस्सा लिया ।
राज ठाकरे ने संवाददाताओं को बताया कि उन्होंने लॉकडाउन को लागू कराने में पुलिस की सहायता के लिय प्रदेश रिजर्व पुलिस के जवानों को तैनात किये जाने का सुझाव दिया ।
उन्होंने कहा, ‘‘उन स्थानों पर और अधिक पुलिस बलों की जरूरत है जहां लोग प्रशासन को हल्के में लेते हैं । निषिद्ध क्षेत्रों में पुलिस बलों को बढ़ाया जाना चाहिये। ’’
मनसे प्रमुख ने यह भी कहा कि अगर प्रवासी श्रमिक वापस नहीं लौटते हैं तो नौकरियां स्थानीय लोगों को दी जानी चाहिये ।
उन्होंने कहा कि लॉकडाउन वापस लिये जाने के बाद जो लोग राज्य में आना चाहते हैं उन्हें कोरोना वायरस की जांच के बाद ही आने की अनुमति दी जानी चाहिये ।
इस बीच, महाराष्ट्र सरकार ने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में लॉकडाउन के कारण फंसे प्रवासी मजदूरों को गृह निवास लौटने के लिए कोई चिकित्सा प्रमाणपत्र दिखाने की जरूरत नहीं है, जैसा कि पहले कहा गया था।
सरकार ने बताया कि प्रवासी / फंसे हुए लोग जो अपने गृह निवास वापस लौटना चाहते हैं, उनकी यात्रा के दौरान मुफ्त में जांच की जाएगी।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 07, 2020 08:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

