मुंबई, 28 जुलाई उपनगर माहिम में कॉलेज के एक व्याख्याता के खिलाफ 14 साल पहले नियुक्ति के समय कथित तौर पर जाली अंकपत्र जमा कराने के लिए मामला दर्ज किया गया है।
एक अधिकारी ने बताया कि यह मामला हाल में तब सामने आया जब सेंट जेवियर प्रौद्योगिकी संस्थान ने अपने एक व्याख्याता मनीष खोबरागडे को सत्यापन के लिए बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (बीई) पाठ्यक्रम का मूल अंकपत्र जमा कराने को कहा ।
संस्थान के मुताबिक वसई में रहने वाले खोबरागडे से जनवरी से ही संपर्क नहीं हो पाया है।
वर्ष 2006 में व्याख्याता के तौर पर संस्थान से जुड़ने वाले खोबरागडे ने स्वामी रामानंद तीर्थ मराठवाड़ा विश्वविद्यालय का अंकपत्र जमा कराया। इस अंकपत्र के मुताबिक उन्होंने अगस्त 2002 में बीई की डिग्री हासिल की।
संस्थान ने कई मौके पर उन्हें मूल प्रमाणपत्र और अंकपत्र प्रस्तुत करने को कहा लेकिन खोबरागडे निजी समस्या और स्वास्थ्य संबंधी परेशानी का हवाला देकर जमा कराने में देरी करते रहे ।
माहिम थाने के वरिष्ठ निरीक्षक मिलिंद गडनकुश ने बताया, ‘‘संस्थान के प्रधानाचार्य से शिकायत मिलने के बाद आरोपी के खिलाफ जालसाजी का मामला दर्ज किया गया।’’ आरोपी को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया जा सका है ।
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